कौन हैं हिरोद पटेल? 'मन की बात' में PM मोदी ने की सराहना, खेती में नवाचार से सालाना 12 लाख तक की कमाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में ओडिशा के युवा किसान हिरोद पटेल की सराहना करते हुए उन्हें नवाचार और आधुनिक खेती का उदाहरण बताया. एकीकृत खेती मॉडल अपनाकर हिरोद पटेल आज सालाना 10 से 12 लाख रुपये तक की कमाई कर रहे हैं और ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात में ओडिशा के युवा किसान हिरोद पटेल का उल्लेख करते हुए उनकी खुलकर प्रशंसा की. प्रधानमंत्री ने उनकी एकीकृत खेती, नवाचार और आधुनिक सोच को ग्रामीण भारत के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया.

ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के रहने वाले हिरोद पटेल ने परंपरागत खेती को नई तकनीकों और प्रयोगों के साथ जोड़कर सफलता की नई कहानी लिखी है. उन्होंने धान, केला और मछली पालन को एक साथ जोड़ते हुए आय के कई स्रोत विकसित किए हैं, जिससे जोखिम कम हुआ और आमदनी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई.

पारंपरिक ज्ञान से आधुनिक मॉडल तक

कृषक परिवार से ताल्लुक रखने वाले हिरोद पटेल ने अपने पिता से मिली खेती की सीख को आधुनिक नजरिए के साथ आगे बढ़ाया. आईटीआई प्रशिक्षित तकनीशियन होने के बावजूद उन्होंने खेती को ही अपना मुख्य पेशा चुना. लगभग चार वर्ष पहले शुरू किया गया उनका प्रयोग आज एक सफल कृषि मॉडल के रूप में सामने है.

करीब 14 एकड़ जमीन पर उन्होंने एकीकृत खेती प्रणाली अपनाई है. धान की खेती के साथ बागवानी, फूलों की खेती और तालाबों में मछली पालन को जोड़कर उन्होंने संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया है.

तालाब की मेड़ों से बढ़ी अतिरिक्त आय

हिरोद पटेल ने खेत-तालाब की मेड़ों पर लौकी जैसी बेलदार फसलें लगाईं और जीआई तारों से ट्रेलिस सिस्टम तैयार किया. इस प्रयोग से पहली ही फसल में लगभग 30 हजार रुपये की अतिरिक्त आमदनी हुई.

कृषि विभाग की सहायता से बनाए गए दो तालाबों में मछली पालन कर वे सालाना करीब 80 हजार रुपये कमा रहे हैं. जिन निचली जमीनों में पहले पानी भर जाता था, उन्हीं को उन्होंने आय के साधन में बदल दिया.

फलदार पौधों से भविष्य की तैयारी

खेती में विविधता लाते हुए उन्होंने नारियल, केला, बेर, अमरूद और आम जैसे फलदार पौधे भी लगाए हैं. ये पौधे तेजी से बढ़ रहे हैं और आने वाले समय में अतिरिक्त आय का मजबूत आधार बनेंगे.

10 से 12 लाख रुपये का सालाना टर्नओवर

नवाचार, मेहनत और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के दम पर हिरोद पटेल का सालाना टर्नओवर अब 10 से 12 लाख रुपये तक पहुंच चुका है. उनका मानना है कि यदि किसान पारंपरिक खेती के साथ नई तकनीक और सोच को जोड़ें, तो खेती भी एक लाभकारी व्यवसाय बन सकती है.

'मन की बात' में जिक्र के बाद उनकी सफलता की कहानी देशभर में चर्चा का विषय बन गई है और कई युवाओं को खेती की ओर प्रेरित कर रही है.
 

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