विदाई के बाद ससुराल नहीं, परीक्षा केंद्र पहुंची दुल्हन...तीन घंटे कार में इंतजार करता रहा दूल्हा
गया के शेरघाटी में शादी के तुरंत बाद एक छात्रा विदाई के जोड़े में ही मैट्रिक की परीक्षा देने पहुंची. परीक्षा के दौरान उसका पति बाहर इंतजार करता रहा. छात्रा के इस जज्बे की सभी ने सराहना की.

गयाजी: शादी का दिन किसी भी लड़की के जीवन का सबसे खास दिन होता है. लेकिन गया जिले की एक छात्रा ने इस खास मौके पर एक ऐसा निर्णय लिया, जिसने सभी को हैरान कर दिया. लाल जोड़े में सजी यह दुल्हन विदाई के तुरंत बाद ससुराल नहीं, बल्कि सीधे परीक्षा केंद्र पहुंच गई. हाथों में मेहंदी, मांग में सिंदूर और चेहरे पर आत्मविश्वास लिए वह मैट्रिक की परीक्षा देने पहुंची तो वहां मौजूद हर कोई उसे देखता रह गया.
शेरघाटी की रहने वाली इस छात्रा की शादी 20 फरवरी की रात संपन्न हुई थी. अगले दिन सुबह उसकी विदाई तय थी और ससुराल में कई पारंपरिक रस्में भी होनी थीं. मगर उसी दिन मैट्रिक की विज्ञान विषय की परीक्षा भी थी. पढ़ाई को लेकर गंभीर इस छात्रा ने तय किया कि वह परीक्षा नहीं छोड़ेगी. उसने अपने पति और ससुराल पक्ष से बात की और सभी ने उसके निर्णय का सम्मान किया. विदाई के बाद सुबह करीब आठ बजे वह सीधे परीक्षा केंद्र के लिए रवाना हो गई.
परीक्षा केंद्र पर अलग ही नजारा
जब फूलों से सजी कार कॉलेज के मुख्य द्वार पर पहुंची, तो वहां मौजूद लोगों को कुछ अलग होने का आभास हुआ. जैसे ही कार का दरवाजा खुला, दुल्हन के रूप में छात्रा बाहर उतरी. ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने एडमिट कार्ड देखकर उसे अंदर जाने दिया. लाल जोड़े में सजी दुल्हन को परीक्षा हॉल की ओर जाते देख अन्य परीक्षार्थियों और अभिभावकों की भीड़ जमा हो गई.
कई लोग इस अनोखे दृश्य को अपने मोबाइल में कैद करने लगे. भीड़ को संभालने के लिए पुलिस को भी काफी सतर्क रहना पड़ा. भारी लिबास की वजह से चलने में दिक्कत हो रही थी, तो उसकी मां ने उसका हाथ थाम लिया और परीक्षा कक्ष तक पहुंचाया. यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए यादगार बन गया.
तीन घंटे तक बाहर इंतजार करता रहा दूल्हा
जब दुल्हन परीक्षा हॉल में बैठकर अपना पेपर लिख रही थी, तब उसका नवविवाहित पति बाहर कार में शांतिपूर्वक इंतजार करता रहा. करीब तीन घंटे तक वह वहीं रुका रहा. परीक्षा समाप्त होने के बाद ही दोनों ससुराल के लिए रवाना हुए. परीक्षा केंद्र के अधिकारियों ने भी छात्रा के इस जज्बे की सराहना की और उसे समय पर परीक्षा कक्ष तक पहुंचाने में सहयोग किया.


