T20 वर्ल्ड कप खेल रहे भारतीय मूल के प्लेयर्स को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 131वें संस्करण में आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 का उल्लेख करते हुए उन खिलाड़ियों की सराहना की, जो भारतीय मूल के होते हुए भी दूसरे देशों की राष्ट्रीय टीमों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 131वें संस्करण में देश और समाज से जुड़े कई अहम विषयों पर विचार साझा किए. इस दौरान उन्होंने खास तौर पर आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 का उल्लेख करते हुए उन खिलाड़ियों की सराहना की, जो भारतीय मूल के होते हुए भी दूसरे देशों की राष्ट्रीय टीमों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.
टी20 विश्व कप को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों और संस्कृतियों को जोड़ने का सशक्त जरिया भी है. उन्होंने कहा कि जब दर्शक टी20 विश्व कप के मुकाबले देखते हैं तो कई बार किसी खिलाड़ी का नाम सुनकर यह एहसास होता है कि उसका संबंध भारत से है. भले ही वह खिलाड़ी किसी अन्य देश की जर्सी पहनकर मैदान में उतरता हो, लेकिन उसके भारतीय मूल से जुड़ाव होने पर देशवासियों के मन में स्वाभाविक रूप से गर्व और खुशी की भावना पैदा होती है.
The ICC Men’s T20 World Cup is underway and one of the things that makes us proud is the number of Indian-origin players playing the tournament. #MannKiBaat pic.twitter.com/49ftsvzsm5
— Narendra Modi (@narendramodi) February 22, 2026
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से कनाडा टीम का जिक्र करते हुए बताया कि इस टीम में भारतीय मूल के खिलाड़ियों की संख्या ज्यादा है. टीम के कप्तान दिलप्रीत बाजवा का जन्म पंजाब के गुरदासपुर में हुआ, जबकि नवनीत धालीवाल और अन्य खिलाड़ी भी भारतीय पृष्ठभूमि से जुड़े हैं. उन्होंने कहा कि ये खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से न केवल अपने वर्तमान देश का नाम रोशन कर रहे हैं, बल्कि भारत की प्रतिभा और संस्कारों की भी पहचान दुनिया तक पहुंचा रहे हैं.
संयुक्त राज्य अमेरिका टीम का जिक्र
इसी तरह, संयुक्त राज्य अमेरिका की टीम में भी कई ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्होंने भारत में घरेलू क्रिकेट खेला है. टीम के कप्तान मोनांक पटेल गुजरात की आयु वर्ग की टीमों का हिस्सा रह चुके हैं. इसके अलावा हरमीत सिंह और मिलिंद कुमार जैसे खिलाड़ी भी भारतीय क्रिकेट प्रणाली से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं.
प्रधानमंत्री ने ओमान टीम का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां भी कई खिलाड़ी ऐसे हैं, जिनकी जड़ें भारत से जुड़ी हैं. उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड, यूएई और इटली जैसे देशों में भी भारतीय मूल के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं और वहां के युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं.
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीयता की खासियत यही है कि भारतीय जहां भी जाते हैं, वहां अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हैं और अपने कर्मस्थल के विकास में योगदान देते हैं. उन्होंने इन खिलाड़ियों को भारत की वैश्विक पहचान का प्रतीक बताते हुए उनकी उपलब्धियों पर गर्व जताया.


