जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी, जॉइंट ऑपरेशन में 2 आतंकी ढेर...दो AK-47 भी बरामद

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में रविवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में पाकिस्तान के जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दो आतंकवादी ढेर हो गए. 'ऑपरेशन त्राशी-I' के तहत हुई इस साहसिक कार्रवाई में जवानों को उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए है. जिसमें दो एक-47 राइफलें भी शामिल हैं. 

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

किश्तवाड़ : जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सुदूर और ऊबड़-खाबड़ इलाकों में रविवार को सुरक्षाबलों को आतंकवाद विरोधी अभियान में एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. चटरू बेल्ट के पासेरकुट क्षेत्र में हुई एक भीषण मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दो खूंखार आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया. सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के इस साझा अभियान 'ऑपरेशन त्राशी-I' ने सीमा पार से संचालित हो रहे आतंकी नेटवर्क को करारा झटका दिया है. मारे गए दोनों आतंकवादी मूल रूप से पाकिस्तानी नागरिक बताए जा रहे हैं.

पुलिस और IB को मिली थी पुख्ता जानकारी 

आपको बता दें कि किश्तवाड़ के इस दुर्गम इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की पुख्ता जानकारी जम्मू-कश्मीर पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) को मिली थी. इस भरोसेमंद इनपुट के आधार पर सेना की व्हाइट नाइट कोर और काउंटर-इंटेलिजेंस फोर्स (CIF) डेल्टा ने स्थानीय पुलिस और सीआरपीएफ के साथ मिलकर एक सुनियोजित घेराबंदी शुरू की. सुरक्षाबलों का मुख्य उद्देश्य इलाके में सक्रिय इन विदेशी तत्वों को ट्रैक कर उनका खात्मा करना था ताकि क्षेत्र की शांति और सुरक्षा हर हाल में कायम रहे.

मिट्टी के घर में छिपे थे आतंकी

मुठभेड़ स्थल की भौगोलिक परिस्थितियां काफी कठिन थीं. ये आतंकवादी पहाड़ियों की तलहटी में स्थित एक कच्चे मिट्टी के घर के भीतर पूरी तैयारी के साथ छिपे हुए थे. जैसे ही सुरक्षाबलों की सर्च पार्टी उस घर के करीब पहुंची, आतंकियों ने ऊंचाई का फायदा उठाते हुए अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी. सेना के जवानों ने भी रणनीतिक सटीकता और अटूट साहस का परिचय देते हुए तत्काल जवाबी कार्रवाई की. कुछ ही घंटों की भीषण गोलीबारी के बाद दोनों हमलावरों को सफलतापूर्वक मार गिराया गया.

हथियारों का भारी जखीरा बरामद

मुठभेड़ समाप्त होने के बाद जब पूरे इलाके की तलाशी ली गई, तो मारे गए आतंकियों के पास से दो एके-47 राइफलें और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ. सेना ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि ये आतंकवादी किसी बड़ी हिंसक साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे. बरामद हथियारों से यह स्पष्ट है कि वे लंबे समय तक जंगल में टिकने की तैयारी के साथ आए थे. सुरक्षाबलों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शांति भंग करने वालों को अब कहीं पनाह नहीं मिलेगी.

जैश-ए-मोहम्मद को लगा बड़ा झटका

मारे गए आतंकवादियों की पहचान प्रतिबंधित पाकिस्तानी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के सक्रिय सदस्यों के रूप में हुई है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक जम्मू क्षेत्र के विभिन्न जिलों में सुरक्षाबलों ने जैश के कुल छह आतंकवादियों को मार गिराया है. इससे पहले उधमपुर और कठुआ जिलों में भी इसी तरह की सफल मुठभेड़ें हुई थीं. रविवार की इस कार्रवाई ने घाटी में सक्रिय आतंकी सेल्स और उनके विदेशी आकाओं के बीच के संचार और मनोबल को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है.

चटरू बेल्ट में सघन सर्च ऑपरेशन

चटरू जंगल के इलाके में पिछले कुछ महीनों से सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच आधा दर्जन से अधिक बार आमना-सामना हो चुका है. पिछले महीने हुई एक मुठभेड़ में एक भारतीय सैनिक शहीद हुआ था, जिसके बाद से सेना ने यहां अपनी खुफिया चौकसी काफी बढ़ा दी है. फिलहाल पासेरकुट और उसके आसपास के जंगलों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान अभी भी जारी है. सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित कर रही हैं कि इलाके में कोई और आतंकी या उनका मददगार छिपा न रह जाए.

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