ऑपरेशन सिंदूर में PAK को किया था बेनकाब, अब 77वें गणतंत्र दिवस पर भारत की बेटी कर्नल सोफिया कुरैशी को किया जाएगा सम्मानित

कर्नल सोफिया कुरैशी को ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के दुष्प्रचार को बेनकाब करने और भारतीय सेना की भूमिका स्पष्ट रूप से पेश करने के लिए 77वें गणतंत्र दिवस पर परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जाएगा.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के दुष्प्रचार को तथ्यों के साथ बेनकाब करने वाली भारतीय सेना की वरिष्ठ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित करने का ऐलान किया गया है. 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर उन्हें यह सम्मान दिया जाएगा. यह पुरस्कार उनके असाधारण नेतृत्व, साहस और राष्ट्रहित में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देता है.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़ा तनाव

अप्रैल महीने में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. इस हमले में 26 निर्दोष भारतीय पर्यटकों की जान चली गई थी. आतंकियों द्वारा धर्म पूछकर लोगों को निशाना बनाए जाने से देशभर में गुस्सा फैल गया और पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई. इस हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने का फैसला किया.

ऑपरेशन सिंदूर में कई आतंकी ठिकानों को नष्ट किया
6 मई की रात भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित आतंकी ठिकानों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की. इस सैन्य कार्रवाई में कई आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया और सौ से अधिक आतंकियों को ढेर करने का दावा किया गया. चार दिनों तक भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, लेकिन भारतीय सेना ने स्पष्ट संदेश दे दिया कि आतंकवाद को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सच सामने लाने की जिम्मेदारी
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मीडिया को सटीक और पारदर्शी जानकारी देने की जिम्मेदारी कर्नल सोफिया कुरैशी और भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह को सौंपी गई थी. दोनों अधिकारियों ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऑपरेशन से जुड़ी जानकारियां साझा कीं और पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे झूठे दावों को तथ्यों के साथ खारिज किया. उनकी स्पष्ट और आत्मविश्वास से भरी ब्रीफिंग को देशभर में सराहा गया.

पाकिस्तान के दुष्प्रचार की पोल खोलने में अहम भूमिका
कर्नल सोफिया कुरैशी ने ऑपरेशन से जुड़ी हर जानकारी को जिम्मेदारी और संतुलन के साथ प्रस्तुत किया. उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारतीय कार्रवाई केवल आतंकी ठिकानों तक सीमित थी और आम नागरिकों को नुकसान नहीं पहुंचाया गया. उनकी इस भूमिका ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत की स्थिति को मजबूत किया और पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा को कमजोर किया.

कर्नल सोफिया कुरैशी का सैन्य और शैक्षणिक सफर
कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की एक अनुभवी और सम्मानित अधिकारी हैं. वह संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन में भारतीय टुकड़ी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी रह चुकी हैं. उनका जन्म गुजरात के वडोदरा में हुआ और उन्होंने महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा से बायोटेक्नोलॉजी में शिक्षा प्राप्त की. सेना में रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं.

महिलाओं के लिए प्रेरणा बनीं कर्नल सोफिया
परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जाना न केवल कर्नल सोफिया कुरैशी की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और नेतृत्व क्षमता का भी प्रतीक है. उनकी कहानी देश की युवतियों के लिए प्रेरणा है, जो रक्षा सेवाओं में करियर बनाना चाहती हैं और राष्ट्र सेवा का सपना देखती हैं.

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