Jagannath Rath Yatra Stampede: पुरी रथ यात्रा भगदड़ पर CM मोहन माझी ने जताया दुख, किया 25 लाख मुआवजे का ऐलान

पुरी की विश्वप्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई. हादसे पर गहरा दुख जताते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है.

Shivani Mishra
Edited By: Shivani Mishra

Jagannath Rath Yatra Stampede: भगवान जगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा के दौरान रविवार सुबह हुई भगदड़ में तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए. हादसे के बाद ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है.

मुख्यमंत्री ने न केवल राज्य सरकार की ओर से, बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी शोक संतप्त परिवारों से क्षमा मांगी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने हादसे का कारण बताया कि, "भगवान के दिव्य दर्शन की तीव्र इच्छा और भारी भीड़ के दबाव के कारण यह दुखद दुर्घटना घटी."

हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश

राज्य सरकार ने इस हादसे की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय प्रशासनिक जांच के आदेश दिए हैं. इस जांच की जिम्मेदारी विकास आयुक्त को सौंपी गई है, जो पूरे मामले की गहराई से जांच करेंगे और जिम्मेदारों की पहचान करेंगे. मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसकी पुष्टि की है.

बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल

हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा कदम उठाते हुए पुरी के कलेक्टर और एसपी का तबादला कर दिया है. चंचल राणा को नया जिला कलेक्टर और पिनाक मिश्रा को नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है. वहीं, डीसीपी विष्णुपति और कमांडेंट अजय पाहि को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है.

राज्य सरकार ने इस वर्ष की रथ यात्रा के संपूर्ण संचालन की निगरानी के लिए वरिष्ठ नौकरशाह अरविंद अग्रवाल को प्रभारी नियुक्त किया है.

सुबह 4 से 5 बजे के बीच मची भगदड़

यह दुखद हादसा रविवार सुबह 4 से 5 बजे के बीच सरधाबली क्षेत्र में हुआ, जब भारी संख्या में श्रद्धालु गुंडिचा मंदिर के पास भगवान के रथ के दर्शन के लिए इकट्ठा हुए थे. भीड़ के दबाव में कुछ लोग जमीन पर गिर पड़े और भगदड़ मच गई.

इस घटना में जिन श्रद्धालुओं की मौत हुई, उनमें प्रेमकांत महंती (80), बासंती साहू (36) और प्रभावती दास (42) शामिल हैं. सभी की पहचान पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल के अधिकारियों द्वारा की गई है.

स्थिति नियंत्रण में, दर्शन सुचारू रूप से जारी

पुलिस प्रशासन ने जानकारी दी है कि अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और श्रद्धालु शांतिपूर्वक दर्शन कर रहे हैं. पुलिस बल और स्वयंसेवक भीड़ नियंत्रण में लगे हुए हैं ताकि आगे कोई अप्रिय घटना न हो.

मुख्यमंत्री का भावुक संदेश

मुख्यमंत्री माझी ने हादसे के बाद लिखा, "मैं व्यक्तिगत रूप से शोक संतप्त परिवारों से क्षमा चाहता हूं. श्रद्धालुओं की श्रद्धा और भावना को समझते हुए हम भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे."

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