‘जम्मू-कश्मीर पूरी तरह भारत का हिस्सा...’ ब्रिटिश सांसद ने की घाटी में पाकिस्तान के अवैध कब्जे की निंदा
ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने अनुच्छेद 370 हटाने और जम्मू-कश्मीर को पूरी तरह भारत में शामिल करने का समर्थन दोहराया. उन्होंने कहा कि यह रुख 1992 से है और आतंकवाद व पाक कब्जे की उन्होंने हमेशा निंदा की है.

जयपुर: 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने का ऐतिहासिक फैसला लिया था. इस फैसले को अब छह साल से अधिक समय बीत चुका है. इसी बीच ब्रिटेन के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने एक बार फिर जम्मू और कश्मीर को लेकर भारत के रुख का खुलकर समर्थन किया है. उन्होंने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के पूरे क्षेत्र को पूरी तरह भारत में शामिल किया जाना चाहिए और यह मांग उनकी कोई नई सोच नहीं, बल्कि दशकों पुरानी है.
जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बॉब ब्लैकमैन ने कहा कि उनका रुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2019 के फैसले से प्रेरित नहीं है. उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर को लेकर उनकी सोच 1990 के दशक की शुरुआत से बनी हुई है, जब कश्मीर घाटी से कश्मीरी पंडितों को मजबूरन पलायन करना पड़ा था. ब्लैकमैन ने कहा कि उन्होंने अनुच्छेद 370 को हटाने की मांग 1992 में ही शुरू कर दी थी. उस समय उनका मानना था कि कश्मीरी पंडितों के साथ जो हुआ, वह एक गंभीर अन्याय था और इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को जागरूक करना जरूरी था.
क्या बोले बॉब ब्लैकमैन
उन्होंने कहा कि, "मैंने सिर्फ तब आर्टिकल 370 को हटाने की बात नहीं की, जब प्रधानमंत्री मोदी ने इसे मैनिफेस्टो में शामिल किया और लागू किया. मैंने यह बात 1992 में कही थी, जब कश्मीरी पंडितों को जम्मू और कश्मीर से बाहर निकाल दिया गया था. हमने उस समय एक बड़ी मीटिंग करते हुए ताकि लोगों से कहा जा सके कि यह गलत है, यह अन्याय है, कि लोगों को सिर्फ़ उनके धर्म और बैकग्राउंड की वजह से उनके पुश्तैनी घरों से बाहर निकाला जा रहा था."
#WATCH | Jaipur, Rajasthan | At a Hi-Tea Programme at the Constitutional Club, British MP Bob Blackman said, ".... I didn't just call for the abrogation of Article 370 back when Prime Minister Modi put it in the manifesto and implemented it. I called for this back in 1992, when… pic.twitter.com/n7IJ4zVYsQ
— ANI (@ANI) January 5, 2026
आतंकवाद और पाकिस्तान के कब्जे पर सख्त रुख
ब्लैकमैन ने यह भी कहा कि वे लगातार जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की निंदा करते रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान के नियंत्रण वाले इलाकों को अवैध करार देते हुए उसकी आलोचना भी की. उन्होंने कहा कि, "मैंने न सिर्फ होने वाले आतंकवाद की निंदा की है, बल्कि पाकिस्तान द्वारा जम्मू और कश्मीर रियासत के कुछ हिस्सों पर अवैध कब्ज़े की भी निंदा की है. मैंने शुरू से ही कहा है कि जम्मू और कश्मीर की पूरी रियासत को भारत के शासन के तहत फिर से एक किया जाना चाहिए."
पहले भी दे चुके हैं ऐसे बयान
ब्रिटिश सांसद की यह टिप्पणी उनके पहले के बयानों से मेल खाती है. जुलाई 2025 में उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की थी, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी. उस समय उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा था कि यह हमला बेहद चौंकाने वाला और दुखद था.


