ईरान में बवाल के बीच बड़ा दावा: खामेनेई ने तैयार किया देश छोड़ने का प्लान, क्या मॉस्को बनेगा नया ठिकाना?
सीरिया के बशर अल-असद ने 2024 के अंत में, जब सशस्त्र विद्रोहियों ने राजधानी दमिश्क को चारों तरफ से घेर लिया, तो चुपके से देश छोड़कर रूस भाग गए. अब ठीक वैसी ही अफवाहें ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई और उनके सबसे करीबी लोगों के बारे में जोर पकड़ रही हैं. क्या सीरिया इतिहास दोहराने को तैयार है?

नई दिल्ली: ईरान बीते दो हफ्तों से गंभीर राजनीतिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है. देश के कई हिस्सों में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों ने हालात को और तनावपूर्ण बना दिया है. इन प्रदर्शनों के चलते तेहरान की सत्ता और सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के नेतृत्व पर संकट के बादल मंडराने की चर्चा तेज हो गई है.
इसी बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह दावा भी सामने आ रहा है कि विदेशी ताकतें इन प्रदर्शनों को और हवा दे सकती हैं. अमेरिका की ओर से सार्वजनिक तौर पर यह संकेत दिया जा चुका है कि वह इस पूरे घटनाक्रम में दखल दे सकता है. इसी पृष्ठभूमि में अब खामेनेई को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा सामने आया है.
सरकार गिरने की स्थिति के लिए तैयार ‘एग्जिट प्लान’
मीडिया के हवाले से दावा किया गया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने संभावित सत्ता संकट को देखते हुए पहले से ही अपना प्लान तैयार कर लिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, अगर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन बेकाबू होते हैं और सरकार का नियंत्रण कमजोर पड़ता है, तो खामेनेई रूस जाने की योजना पर काम कर रहे हैं.
रूस रवाना होने की तैयारी
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस कथित योजना में 86 वर्षीय अली खामेनेई के साथ उनका परिवार, कुछ भरोसेमंद सहायक और करीबी लोग शामिल हैं. कुल मिलाकर लगभग 20 लोगों के नाम इस सूची में बताए जा रहे हैं. इसमें खामेनेई के बेटे मोज्तबा का नाम भी शामिल है, जिन्हें उनका संभावित उत्तराधिकारी माना जाता है.
अरबों डॉलर ले जाने का भी दावा
इसी रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि खामेनेई अपने साथ अरबों डॉलर की संपत्ति भी रूस ले जा सकते हैं. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मीडिया में इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
इजरायली खुफिया अधिकारी का बयान
ईरान के कट्टर विरोधी माने जाने वाले इजरायल के खुफिया अधिकारी बेनी सबती का कहना है कि अली खामेनेई के लिए रूस के अलावा कोई और सुरक्षित विकल्प नहीं है. उनके मुताबिक, खामेनेई पहले भी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तारीफ करते रहे हैं. साथ ही ईरानी और रूसी संस्कृति में समानता होने के कारण वहां उनके लिए रहना आसान हो सकता है.
बशर अल असद जैसा रास्ता?
रिपोर्ट में इस संभावित योजना की तुलना पूर्व सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद से की गई है. नवंबर 2024 में जब सीरिया में सत्ता संकट गहराया था, तब असद देश छोड़कर मॉस्को पहुंच गए थे. बाद में खबरें आई थीं कि वे रूस में एक आरामदायक जीवन जी रहे हैं और वहां उन्होंने आंखों के इलाज की प्रैक्टिस भी दोबारा शुरू कर दी है. हालांकि, ईरान में आगे क्या होगा, इस पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी माना जा रहा है.


