ग्रीनलैंड पर जल्द हमला करेगी अमेरिकी सेना! डेनमार्क के पीएम की अपील के बावजूद डोनाल्ड ट्रंप ने दिया संकेत!

वेनेजुएला के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अगला निशाना ग्रीनलैंड बताया जा रहा है. डेनमार्क ने फटकार लगाते हुए ट्रंप को समझाने की कोशिश की, लेकिन ट्रंप ने एक ऐसी बात कही, जिसने सभी का ध्यान खींचा है.

Sonee Srivastav

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर अपनी पुरानी इच्छा को फिर से दोहराया है. वे कहते हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अमेरिका को इस द्वीप की सख्त जरूरत है. डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन की अपील के बावजूद ट्रंप अपने स्टैंड पर अड़े हुए हैं. यह विवाद तब और गर्म हो गया जब अमेरिका ने वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई की. 

ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप का दावा

ट्रंप ने हाल में एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका को ग्रीनलैंड की बिल्कुल जरूरत है. उन्होंने इसे रक्षा और सुरक्षा से जोड़ा. उनके मुताबिक, आर्कटिक क्षेत्र में ग्रीनलैंड की रणनीतिक स्थिति बहुत महत्वपूर्ण है. यहां खनिज संसाधन भी भरपूर हैं.

ट्रंप लंबे समय से कहते आए हैं कि ग्रीनलैंड अमेरिका के नियंत्रण में होना चाहिए. उन्होंने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए भी यही बात दोहराई कि द्वीप रूसी और चीनी गतिविधियों से घिरा हुआ है. 

डेनमार्क और ग्रीनलैंड की कड़ी प्रतिक्रिया

डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने ट्रंप से साफ कहा कि धमकियां बंद करें. उन्होंने बयान दिया कि अमेरिका को ग्रीनलैंड या डेनमार्क साम्राज्य के किसी हिस्से पर कब्जा करने का कोई अधिकार नहीं है. फ्रेडरिक्सन ने याद दिलाया कि डेनमार्क और अमेरिका पुराने सहयोगी हैं और दोनों नाटो के सदस्य है. 

पहले से ही एक रक्षा समझौता है जो अमेरिका को ग्रीनलैंड में पहुंच देता है. उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है और लोग खुद फैसला करेंगे अपना भविष्य. 

ग्रीनलैंड के पीएम ने लगाई फटकार 

ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन ने भी ट्रंप की टिप्पणियों को गलत और अपमानजनक बताया. उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति का ग्रीनलैंड को वेनेजुएला से जोड़ना गलत है. नीलसन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट को भी अनादरपूर्ण कहा, जिसमें ग्रीनलैंड को अमेरिकी झंडे में लपेटा दिखाया गया था.

वेनेजुएला कार्रवाई ने बढ़ाई चिंता

यह विवाद तब तेज हुआ जब अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में अभियान चलाकर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया. मादुरो अब न्यूयॉर्क में ड्रग तस्करी के आरोपों का सामना कर रहे हैं. इस घटना ने ग्रीनलैंड और डेनमार्क में डर पैदा कर दिया कि कहीं अमेरिका वहां भी इसी तरह की कार्रवाई न करे. ट्रंप प्रशासन के एक करीबी की पोस्ट ने भी आग में घी डाला, जिसमें ग्रीनलैंड को जल्द अमेरिकी बनाने का इशारा था. 

बता दें, ट्रंप ने ग्रीनलैंड के लिए एक विशेष दूत भी नियुक्त किया है. डेनमार्क ने अपनी आर्कटिक सुरक्षा में निवेश बढ़ाया है. ग्रीनलैंड के लोग स्वतंत्रता चाहते हैं, लेकिन अमेरिका का हिस्सा बनना नहीं. 

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