KTR ने राहुल और रेवंत रेड्डी को बताया '420', दोनों को फांसी देने की कही बात; कांग्रेस में मचा हड़कंप!
पूर्व मंत्री के टी रामाराव ने कांग्रेस नेताओं पर जमकर हमला बोला है. उन्होंने राहुल गांधी और रेवंत रेड्डी पर चुनावी वादें न पूरा करने का आरोप लगाया है. इतना ही नहीं उन्होंने फांसी जैसी सजा की बात बोली है.

हैदराबाद: तेलंगाना की राजनीति में एक बार फिर तीखी बहस छिड़ गई है. भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री के टी रामाराव (KTR) ने कांग्रेस नेताओं पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने राहुल गांधी और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर अधूरे चुनावी वादों को लेकर कड़ी आलोचना की. KTR का यह बयान काफी विवादास्पद हो गया है, जिसमें उन्होंने फांसी जैसी कठोर सजा की बात कही.
KTR ने क्या-क्या कहा ?
KTR ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले जनता से कई बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्हें पूरा नहीं किया. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “राहुल गांधी को अशोक नगर चौराहे पर फांसी देनी चाहिए, क्योंकि उन्होंने 2 लाख नौकरियां देने का वादा किया था जो पूरा नहीं हुआ. किसानों की कर्ज माफी के वादे के लिए वारंगल में फांसी होनी चाहिए. वहीं, पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने के वादे पर राहुल गांधी और रेवंत रेड्डी को कमारेड्डी में फांसी दी जानी चाहिए.”
KTR ने आगे तंज कसते हुए कहा कि अगर हर झूठे और अधूरे वादे के लिए सजा दी जाए तो कांग्रेस नेताओं को सैकड़ों बार फांसी होनी पड़ेगी. उन्होंने कांग्रेस को '420 पार्टी' भी कहा, जिसका मतलब धोखाधड़ी से है. यह बयान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के उस पुराने बयान के जवाब में था, जिसमें उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर पर तीखी टिप्पणी की थी.
बयान से क्यों मचा हंगामा?
KTR के इस बयान से राज्य में राजनीतिक माहौल गरमा गया है. कांग्रेस नेताओं ने इसे गैर-जिम्मेदाराना और खतरनाक बताया. कई कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ऐसे शब्द लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं हैं. सोशल मीडिया पर भी इस बयान की काफी चर्चा हो रही है. कुछ लोग KTR की बात से सहमत हैं और कह रहे हैं कि कांग्रेस ने वाकई वादे नहीं निभाए, जबकि दूसरे इसे हिंसा भड़काने वाला बयान बता रहे हैं.
कांग्रेस के वादें
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस ने कई बड़े वादे किए थे. इनमें 2 लाख नौकरियां भरना, किसानों का पूरा कर्ज माफ करना और पिछड़े वर्गों को ज्यादा आरक्षण देना शामिल था. कांग्रेस ने बीआरएस को हराकर सत्ता हासिल की, लेकिन विपक्ष का कहना है कि ये वादे अब तक पूरे नहीं हुए. KTR ने इसी मुद्दे को उठाकर कांग्रेस पर हमला किया.
इससे पहले भी KTR ने रेवंत रेड्डी पर निशाना साधा था. उन्होंने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया था कि वे बुनियादी बातें भी नहीं जानते, जैसे नदी जल बंटवारे या परियोजनाओं की जानकारी. विधानसभा में चल रही बहस के दौरान भी दोनों पार्टियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई है.


