पूर्व CJI पर जूता फेंकने वाले वकील राकेश किशोर की कोर्ट में पिटाई, लगाने लगे सनातन धर्म के नारे

देश के पूर्व चीफ जस्टिस(CJI) बीआर गवई पर जूता उछालने वाले आरोपी वकील राकेश किशोर पर कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में हमले का एक वीडियो वायरल हो रहा है. कोर्ट परिसर में एक दूसरे वकील ने राकेश किशोर पर चप्पल से हमला कर दिया.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में मंगलवार को एक अप्रत्याशित घटना ने सभी को चौंका दिया, जब वकील राकेश किशोर पर एक अन्य वकील ने चप्पल से हमला कर दिया. यह वही राकेश किशोर हैं, जिनका नाम पहले उस समय सुर्खियों में आया था जब उन्होंने तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई की ओर जूता फेंकने की कोशिश की थी. ताज़ा घटना के दौरान उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.

वीडियो में 'सनातन धर्म की जय' के नारे

वायरल वीडियो में दिखता है कि बुजुर्ग वकील राकेश किशोर पर अचानक चप्पल से वार किया जाता है. इस बीच वह खुद को बचाने की कोशिश करते हुए और हाथ उठाकर जवाब देते हुए दिखाई देते हैं. हमले के बीच वह पहले यह पूछते देखे गए कि उन पर हमला क्यों किया जा रहा है, और बाद में ज़ोर से ‘सनातन धर्म की जय’ के नारे लगाने लगे. इस दौरान आसपास मौजूद वकीलों और लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया. वीडियो में हमलावर का चेहरा साफ़ नज़र नहीं आता.

बार एसोसिएशन की प्रतिक्रिया
शाहदरा बार एसोसिएशन के महासचिव नरवीर डबास ने बताया कि उन्हें दो वकीलों के बीच कहासुनी की जानकारी मिली है, जिसके चलते विवाद बढ़ा. हालांकि अब तक किसी भी पक्ष की ओर से एसोसिएशन को कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई शिकायत दर्ज होती है तो एसोसिएशन घटना की जांच कर आवश्यक कार्रवाई शुरू करेगा.

फिर चर्चा में आए राकेश किशोर
71 वर्षीय राकेश किशोर इससे पहले 6 अक्टूबर को उस समय सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के दौरान तत्कालीन सीजेआई बी. आर. गवई की ओर जूता फेंकने का प्रयास किया था. घटना के तुरंत बाद उनका वकालत करने का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था. मुख्य न्यायाधीश ने उस समय अदालत कर्मियों से मामले को ज्यादा तूल न देने और वकील को चेतावनी देकर छोड़ने का निर्देश दिया था.

सीजेआई की टिप्पणी से नाराजगी का दावा
घटना के बाद जब सुरक्षाकर्मी उन्हें सुप्रीम कोर्ट कक्ष से बाहर ले जा रहे थे, तब राकेश किशोर जोर से कहते सुने गए—“सनातन का अपमान नहीं सहेंगे.” बाद में उन्होंने यह दावा भी किया कि वह खजुराहो मंदिर परिसर में भगवान विष्णु की मूर्ति की पुनर्स्थापना संबंधी याचिका की सुनवाई के दौरान सीजेआई द्वारा की गई टिप्पणी से बेहद नाराज़ थे, और उसी के विरोध में उन्होंने यह कदम उठाया था.

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