आसमान में अनबैलेंस हुआ CM मोहन यादव का हेलीकॉप्टर, थम गई लोगों की सांसे...पायलट ने संभाली स्थिति
मध्यप्रदेश के खंडवा में CM मोहन यादव का हेलीकॉप्टर उड़ान भरने के बाद आगे जाने के बजाय पीछे और नीचे की ओर झुकने लगा. जिसके बाद वहां पर मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मी घबरा गए. हालांकि, पायलट ने सूझबूझ से हेलीकॉप्टर को संभाल लिया. अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

खंडवा : मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में उस समय सनसनी फैल गई जब मुख्यमंत्री मोहन यादव के हेलीकॉप्टर के साथ एक बेहद डरावनी घटना घटी. पंधाना में आयोजित 'लाडली बहना योजना' के कार्यक्रम के बाद जैसे ही मुख्यमंत्री का विमान उड़ान भरने लगा, वह अचानक अनियंत्रित होकर पीछे की ओर झुकने लगा. इस मंजर को देखकर वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और आम जनता की सांसें कुछ पलों के लिए थम गईं. हालांकि, पायलट की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया और मुख्यमंत्री सुरक्षित रवाना हुए.
आसमान में हेलीकॉप्टर का खतरनाक पल
आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है. चश्मदीदों के मुताबिक, हेलीकॉप्टर ने जैसे ही जमीन छोड़ी, वह आगे बढ़ने के बजाय पीछे हटने लगा और उसका पिछला हिस्सा नीचे की ओर झुक गया. यह नजारा देखकर मौके पर मौजूद लोग मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर गहरे संकट में पड़ गए थे. गनीमत रही कि पायलट ने तुरंत तकनीकी तालमेल बिठाया और लड़खड़ाते हेलीकॉप्टर को हवा में स्थिर कर सुरक्षित तरीके से गंतव्य की ओर मोड़ दिया.
लाडली बहनों को बड़ी सौगात
इस तनावपूर्ण घटना से ठीक पहले, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पंधाना में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया था. उन्होंने महाशिवरात्रि के पावन पर्व के उपलक्ष्य में प्रदेश की करोड़ों बहनों को आर्थिक उपहार दिया. मुख्यमंत्री ने लाडली बहना योजना की 33वीं किस्त के रूप में प्रत्येक पात्र महिला के खाते में 1,500 रुपये की राशि डिजिटल माध्यम से जमा की. उन्होंने मंच से घोषणा की कि राज्य सरकार के पास महिलाओं के कल्याण और विकास के लिए बजट की कोई कमी नहीं है.
करोड़ों रुपयों का डिजिटल ट्रांसफर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक सिंगल क्लिक के जरिए प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में कुल 1,836 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए. आंकड़ों के लिहाज से यह एक बड़ी उपलब्धि है क्योंकि इस योजना के तहत अब तक कुल 52,304 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं. मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनकी सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी.
आत्मनिर्भरता के लिए नए प्रयास
मुख्यमंत्री ने वर्तमान वर्ष को 'किसान कल्याण वर्ष' के रूप में मनाने की बात कही. उन्होंने भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अब सरकार की प्राथमिकता महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHG) से मजबूती से जोड़ना है. इससे न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि महिलाओं को उनके द्वारा किए गए श्रम का सही और उचित पारिश्रमिक भी मिल सकेगा. सरकार चाहती है कि हर महिला अपने परिवार की प्रगति में बराबर की आर्थिक साझीदार बने.
माताओं और बहनों का सम्मान
संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री मोहन यादव काफी भावुक नजर आए. उन्होंने हाथ जोड़कर पंडाल में उपस्थित सभी माताओं और बहनों को नमन किया और उन्हें देवी-देवताओं के समान बताया. उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान और उनकी सेवा करना ही उनकी सरकार का मुख्य ध्येय है. पंधाना की इस यात्रा में जहां एक तरफ विकास की नई इबारत लिखी गई, वहीं दूसरी तरफ हेलीकॉप्टर के साथ हुए वाकये ने सुरक्षा मानकों पर नए सिरे से चर्चा छेड़ दी है.


