मुंबई मेयर पद का सस्पेंस खत्म, भाजपा की ऋतु तावड़े बनीं महायुति उम्मीदवार

बीजेपी की रितु तावड़े को मुंबई मेयर पद के लिए महायुति उम्मीदवार बनाया गया है; शिवसेना के शिंदे गुट के संजय शंकर घड़ी डिप्टी मेयर पद के उम्मीदवार हैं.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

मुंबई: मुंबई के मेयर पद को लेकर लंबे समय से जारी सियासी सस्पेंस पर आखिरकार विराम लग गया है. महायुति गठबंधन ने भारतीय जनता पार्टी की ऋतु तावड़े को मुंबई की अगली मेयर के तौर पर नामित करने का ऐलान कर दिया है. वहीं, उप महापौर पद के लिए शिवसेना (शिंदे गुट) के संजय शंकर घड़ी को उम्मीदवार बनाया गया है.

इस घोषणा के साथ ही बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में सत्ता को लेकर चल रही अटकलों पर ब्रेक लग गया है. बहुमत होने के बावजूद गठबंधन के भीतर अंतिम समय तक असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, जो अब खत्म हो गई है.

बीएमसी चुनाव में महायुति को मिला बहुमत

महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई नगर निगम समेत 28 अन्य नगर निकायों के चुनाव 15 जनवरी को संपन्न हुए थे. इन चुनावों में भाजपा ने बीएमसी की 89 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 29 सीटें मिलीं. इसके साथ ही महायुति गठबंधन ने बीएमसी में बहुमत के लिए जरूरी 144 सीटों के आंकड़े से अधिक समर्थन हासिल कर लिया.

लॉटरी से तय हुआ मेयर पद का आरक्षण

22 जनवरी को महापौर पदों की पात्रता तय करने के लिए लॉटरी प्रक्रिया आयोजित की गई थी. इसमें मुंबई के लिए यह फैसला हुआ कि अगला मेयर सामान्य वर्ग की महिला होगी. इसी आरक्षण के आधार पर भाजपा ने ऋतु तावड़े के नाम पर अंतिम मुहर लगाई. मुंबई के अलावा पुणे, धुले, नांदेड़-वाघाला और नवी मुंबई में भी सामान्य श्रेणी से महिला मेयर चुनी गई हैं.

बहुमत के बावजूद दलबदल का डर

हालांकि महायुति के पास स्पष्ट बहुमत था, लेकिन मेयर चुनाव से पहले दलबदल को लेकर गठबंधन सतर्क नजर आया. चुनाव नतीजों के तुरंत बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना द्वारा अपने पार्षदों को बांद्रा के एक होटल में ठहराए जाने को लेकर विवाद भी सामने आया था.

बदले राजनीतिक समीकरणों ने बढ़ाई अनिश्चितता

चुनाव के बाद लगातार बदलते राजनीतिक समीकरणों ने अनिश्चितता को और बढ़ा दिया था. इसी बीच, एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) द्वारा कल्याण-डोम्बिवली नगर निगम (KDMC) में शिवसेना को समर्थन दिए जाने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई. इसके अलावा, भाजपा और कांग्रेस ने भी एक-दूसरे पर प्रतिद्वंद्वी दल के पार्षदों से संपर्क साधने के आरोप लगाए, जिससे माहौल और गरमा गया.

नामों के ऐलान से खत्म हुआ राजनीतिक असमंजस

इन तमाम अटकलों और विवादों के बीच महायुति द्वारा मेयर और डिप्टी मेयर उम्मीदवारों के नाम घोषित किए जाने से मुंबई की सियासत में स्थिरता आती दिख रही है. अब सभी की नजरें औपचारिक चुनाव प्रक्रिया और नई मेयर की कार्यशैली पर टिकी हुई हैं.

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