कल्याण-डोंबिवली में मनसे में भूचाल: 5 पार्षद शिंदे के साथ, राज ठाकरे ने दी सख्त चेतावनी

कल्याण-डोंबिवली महानगर में बड़ा राजनीतिक ड्रामा आ खड़ा हुआ है. मनसे के पार्षदों ने शहर के विकास और फंड के नाम पर शिंदे गुट को समर्थन दे दिया. इससे राज ठाकरे भड़क गए और उन्होंने बागियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सत्ता समीकरण बदलते दिखाई दे रहे हैं. कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में शिवसेना (शिंदे गुट) को पांच पार्षदों का समर्थन मिलने के बाद स्थानीय राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. शिंदे गुट ने दावा किया है कि उनके 53 पार्षदों और इन पांच मनसे पार्षदों के गठबंधन से नगर निगम में नया बोर्ड बनाया जा सकता है. वहीं, राज ठाकरे ने ऐसे नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है.

इस घटना ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है, क्योंकि मनसे के पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि उनका निर्णय सिर्फ नगर विकास और फंड की उपलब्धता को ध्यान में रखकर लिया गया है. इससे पहले उद्धव ठाकरे और उनके गुट ने शिंदे गुट के साथ गठबंधन नहीं किया था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर विकास को प्राथमिकता देने का मामला सामने आया है.

शिवसेना ने मनसे के फैसले पर जताई प्रतिक्रिया

कल्याण-डोंबिवली में शिंदे गुट को समर्थन देने वाले एमएनएस नेताओं पर शिवसेना के नेता संजय राउत ने कहा कि जिस तरह से लोकल लोगों ने यह फैसला लिया है, उससे राज ठाकरे बहुत परेशान हैं. राज साहब ने कहा कि इसमें उनका रोल नहीं है. उनकी पार्टी का रोल नहीं है. अगर लोकल लोगों ने पार्टी के खिलाफ फैसला लिया है, तो उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाना चाहिए. जैसे अंबरनाथ में, जब 12 कांग्रेस काउंसलर बीजेपी में शामिल हुए, तो उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया. हमारी पार्टी में भी, जो हमारे खिलाफ काम करता है, उसे निकाल दिया जाता है.

मनसे के पांच पार्षदों ने शिंदे गुट का साथ क्यों चुना

कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में मनसे के पांच पार्षदों ने शिंदे गुट की शिवसेना के साथ जाने का निर्णय लिया. मनसे नेताओं का कहना है कि सरकार में रहकर ही फंड मिल सकता है, जिससे शहर का विकास किया जा सकता है. इसके अलावा, शहर में नगर निगम के कई प्रभाग कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं. मनसे नेताओं का मानना है कि सत्ता में सहभागिता मिलने पर नगर विकास विभाग से निधि उपलब्ध कराई जा सकती है.

स्थानीय नेता का दावा

मनसे के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक राजू पाटिल ने कहा कि यह फैसला पूरी तरह से शहर के विकास और जनता के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है. राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर नगर के सर्वांगीण विकास के लिए सहयोग आवश्यक है.

नगर निगम में विभिन्न दलों का वितरण इस प्रकार है:

  • शिवसेना (शिंदे गुट) – 53

  • भारतीय जनता पार्टी (BJP) – 50

  • मनसे – 5

  • ठाकरे गुट (UBT) – 11

  • कांग्रेस – 2

  • राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) – 1

इसके अलावा, उद्धव गुट के दो नगरसेवक नॉट रिचेबल बताए जा रहे हैं. माना जा रहा है कि ये भी शिंदे गुट और मनसे के नए गठबंधन में शामिल हैं.

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