पार्थ पवार को राज्यसभा भेजने की तैयारी? एनसीपी की बैठक में बड़ा फैसला, बीजेपी के उम्मीदवारों पर सस्पेंस
महाराष्ट्र की सात राज्यसभा सीटों के चुनाव से पहले महायुति और विपक्ष में बैठकों का दौर तेज है. एनसीपी पार्थ पवार को उम्मीदवार बना सकती है, जबकि संख्या बल के आधार पर सत्ता पक्ष छह सीटों पर मजबूत नजर आ रहा है.

महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. सात सीटों पर होने वाले चुनाव ने सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों खेमों में हलचल बढ़ा दी है. बैठकों का दौर जारी है और संभावित उम्मीदवारों के नाम लगभग तय माने जा रहे हैं. ऐसे में राज्य की सियासत एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है.
महायुति सरकार का हिस्सा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) ने अपने उम्मीदवार को लेकर अहम कदम उठाया है. सूत्रों के अनुसार, मुंबई में वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल के आवास पर पार्टी की कोर कमेटी की बैठक हुई. इस बैठक में पार्थ पवार को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाने पर सहमति बनी है.
कई बड़े नेता रहे मौजूद
बैठक में उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे. चर्चा केवल राज्यसभा चुनाव तक सीमित नहीं रही, बल्कि पार्टी की आगामी राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक की तैयारियों पर भी विचार किया गया. 26 फरवरी को प्रस्तावित इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर अंतिम मुहर लग सकती है. सुनेत्रा पवार का नाम इस पद के लिए आगे चल रहा है. यह कार्यक्रम मुंबई के वर्ली डोम में होने की संभावना है.
बीजेपी भी सक्रिय
दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने भी अपने उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निवास पर कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई है, जिसमें नामों पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है. पार्टी इस बार चार सीटों पर दावेदारी की तैयारी में है. रामदास अठावले का नाम लगभग तय माना जा रहा है, जबकि अन्य संभावित नामों पर चर्चा जारी है. पार्टी नेतृत्व सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद अंतिम सूची जारी करेगा.
संख्या बल में महायुति को बढ़त
महाराष्ट्र में इस बार सात सीटें खाली हैं. 286 विधायकों के सदन में एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 वोटों की जरूरत होगी. मौजूदा आंकड़ों के अनुसार सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन मजबूत स्थिति में है. बीजेपी के पास 132 विधायकों का समर्थन है, जिससे वह तीन से चार सीटें जीत सकती है. शिवसेना (शिंदे गुट) के 58 विधायक हैं, जो एक सीट सुरक्षित करने में सक्षम हैं. वहीं एनसीपी (अजित पवार गुट) के पास 40 विधायक हैं, जिससे उसे भी एक सीट मिलने की संभावना है.
विपक्ष की सीमित संभावनाएं
महाविकास अघाड़ी, जिसमें कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार गुट) और शिवसेना (ठाकरे गुट) शामिल हैं, के पास कुल लगभग 49 विधायक हैं. इस आधार पर विपक्ष केवल एक सीट जीतने की स्थिति में नजर आता है. राजनीतिक गणित को देखते हुए महायुति गठबंधन छह सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. हालांकि अंतिम नतीजा उम्मीदवारों के चयन और रणनीति पर निर्भर करेगा. राज्यसभा चुनाव 2026 में सत्ता पक्ष का पलड़ा फिलहाल भारी दिख रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में सियासी समीकरण और भी दिलचस्प हो सकते हैं.


