आज कई घरों में खाना नहीं बना होगा...सीटों के बंटवारे के बाद ऐसा क्यों बोले RLM नेता उपेंद्र कुशवाहा

Bihar NDA seat sharing: बिहार एनडीए ने सीट बंटवारे पर सहमति बनाते हुए भाजपा और जेडीयू को 101-101 सीटें दी हैं, जबकि छोटे दलों को सीमित हिस्सेदारी मिली है. उपेंद्र कुशवाहा ने कम सीटें मिलने पर विवशता जताई. महागठबंधन में अभी सीटों को लेकर खींचतान जारी है. चुनाव दो चरणों में होंगे.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

Bihar NDA seat sharing: बिहार में एनडीए गठबंधन ने अंततः सीट बंटवारे को लेकर अंदरूनी मतभेदों के बाद समन्वय का रास्ता चुना है. 243 विधानसभा सीटों के लिए यह सूत्र तय किया गया कि भाजपा और जेडीयू दोनों ही 101–101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. गठबंधन के छोटे दलों को भी हिस्सेदारी मिल गई. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें दी गई हैं, जबकि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को क्रमशः 6-6 सीटें दी गई हैं.

इस बंटवारे में सबसे विवादित पहलू यह रहा कि कुछ छोटे दलों की दावेदारी अपेक्षा से अधिक थी. विशेष रूप से हम (HAM) और RLM को अपेक्षित से कम सीटें दी गयीं. RLM अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने अपने समर्थकों को एक सन्देश जारी कर इस कमी को गठबंधन की मजबूरी बता कर समाना किया है.

मेरी विवशता को समझिए

उपेंद्र कुशवाहा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि वे समर्थकों से क्षमा चाहते हैं कि उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप सीटें नहीं मिल पाईं. उन्होंने यह स्वीकार किया कि इस तरह के फैसलों के पीछे कई अदृश्य परिस्थितियां होती हैं, जिन्हें बाहर से देख पाना आसान नहीं है. औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वे इस सीट बंटवारे की घोषणा को अंतिम रूप देंगे. उनकी पार्टी के लिए तय 6 सीटों में उजियारपुर, मधुबनी, सासाराम, दिनारा, महुआ और बाजपट्टी शामिल बताई जा रही हैं. HAM को जो 6 सीटें मिली हैं उनमें टेकारी, कुटुंबा, अतरी, इमामगंज, सिकंदरा और बराचट्टी नाम हैं.

भाजपा–जेडीयू का स्तर समान

दिल्ली और पटना में संवाद जारी रहने के दौरान यह तय हुआ कि इस बार भाजपा और जेडीयू के बीच कोई बड़ा भाई का दर्जा नहीं होगा. दोनों को बराबर हिस्सेदारी दी गई है. यह पहली बार है जब जेडीयू को भाजपा के बराबर सीटें मिली हैं. इस चुनाव में 2020 के मुकाबले दोनों दलों की हिस्सेदारी में बदलाव हुआ है. तब जेडीयू ने 115 सीटों पर और भाजपा 110 सीटों पर चुनाव लड़ा था. आपको बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे, 6 नवंबर और 11 नवंबर को. मतगणना 14 नवंबर को होगी.

महागठंबधन में अभी मंथन जारी

बता दें कि महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर अभी मंथन जारी है. वीआईपी पार्टी के मुखिया मुकेश सहनी ने कहा कि महागठबंधन अभी अस्वस्थ है. दिल्ली में अच्छे डॉक्टर हैं, वहीं अच्छा इलाज होगा. उनका संकेत दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान को लेकर था, दरअसल, आरजेडी और कांग्रेस के बीच सीटों को लेकर खींचतान है. वहीं सहनी ने भी 40 सीटों के साथ डिप्टी सीएम पद की डिमांड रखी है. 

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