कानून को कमजोर कर रही मोदी सरकार...सोनिया गांधी ने MANREGA बचाओ संग्राम के तहत जारी किया Video, NDA पर जमकर साधा निशाना

कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने 'मनरेगा बचाओ संग्राम' कार्यक्रम के तहत एक वीडियो जारी करते हुए NDA सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने मोदी सरकार पर कानून को कमजोर करने और गरीबों, भूमिहीनों के अधिकार को छीनने का आरोप लगाया है. कांग्रेस नेता ने कहा कि 20 साल से चली आ रही इस योजना से करोड़ों गरीब परिवारों को जीवनयापन करने का सहारा प्रदान किया और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : कांग्रेस की चेयरपर्सन और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया है. ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार इस कानून पर बुलडोजर चलाने का काम कर रही है. उनके अनुसार, मनरेगा केवल एक योजना नहीं बल्कि गरीबों, बेरोजगारों और वंचित वर्गों के लिए सम्मानपूर्वक जीवन का कानूनी अधिकार है, जिसे खत्म करने की कोशिश की जा रही है.

20 साल पहले पारित हुआ था मनरेगा 

आपको बता दें कि सोनिया गांधी ने अपने संदेश में याद दिलाया कि करीब 20 वर्ष पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में मनरेगा कानून संसद में सर्वसम्मति से पारित हुआ था. उन्होंने इसे ग्रामीण भारत के लिए एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम बताया. उनके अनुसार, इस कानून ने बड़े पैमाने पर ग्रामीण पलायन को रोका और गांवों में रहने वाले लोगों को काम का अधिकार दिया. इससे न सिर्फ गरीब परिवारों को आर्थिक सहारा मिला, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी स्थिरता मिली.

गरीबों और बेरोजगारों की अनदेखी का आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने गरीबों, बेरोजगार युवाओं और हाशिए पर रहने वाले वर्गों के हितों को लगातार नजरअंदाज किया है. उन्होंने कहा कि मनरेगा से सिर्फ महात्मा गांधी का नाम ही हटाने की कोशिश नहीं हुई, बल्कि इसके मूल स्वरूप को भी नुकसान पहुंचाया गया. बिना विपक्ष और राज्यों से संवाद किए नियमों में बदलाव किए गए, जिससे रोजगार का अधिकार कमजोर होता जा रहा है.

दिल्ली से फैसले, जमीन से दूरी
सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि अब यह तय करने का अधिकार कि किसे, कितना और कहां काम मिलेगा, स्थानीय जरूरतों के बजाय दिल्ली में बैठी सरकार के हाथ में दे दिया गया है. उनके मुताबिक, इससे मनरेगा की आत्मा खत्म हो रही है, क्योंकि यह योजना जमीनी सच्चाइयों और स्थानीय आवश्यकताओं पर आधारित थी.

भूमिहीन किसानों और ग्रामीण मजदूरों पर असर
उन्होंने कहा कि मनरेगा लाने में कांग्रेस की भूमिका अहम रही है, लेकिन यह कभी किसी एक पार्टी की योजना नहीं रही. यह देश और जनता के हित से जुड़ा कानून है. उनके अनुसार, मनरेगा को कमजोर करना सीधे तौर पर करोड़ों गरीबों, भूमिहीन किसानों और ग्रामीण मजदूरों पर हमला है, जिनके लिए यह योजना जीवन रेखा जैसी है.

संघर्ष जारी रखने का ऐलान
सोनिया गांधी ने साफ शब्दों में कहा कि इस कथित हमले के खिलाफ सामूहिक संघर्ष जरूरी है. उन्होंने याद दिलाया कि जब मनरेगा लागू किया गया था, तब भी उन्होंने गरीबों को रोजगार का अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया था. अब एक बार फिर वे इस कानून को कमजोर करने के प्रयासों के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’
यह वीडियो कांग्रेस के 45 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ का हिस्सा है, जो 10 जनवरी से शुरू होकर 25 फरवरी तक चलेगा. इस अभियान के तहत पार्टी देशभर में शांतिपूर्ण धरने, विधानसभा घेराव, पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम और ‘काम मांगो अभियान’ चलाएगी. कांग्रेस का उद्देश्य मनरेगा के महत्व को जनता तक पहुंचाना और इसके कथित कमजोर किए जाने का विरोध करना है.

नए कानून को लेकर चिंता
कांग्रेस का दावा है कि केंद्र सरकार ने हाल ही में ‘विकसित भारत–ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन’ नाम के नए कानून के जरिए मनरेगा को व्यावहारिक रूप से बदल दिया है. पार्टी का आरोप है कि इस नए ढांचे में रोजगार की गारंटी कमजोर हो जाती है और फैसला पूरी तरह केंद्र सरकार के विवेक पर छोड़ दिया गया है, जिससे मनरेगा की मूल भावना को ठेस पहुंचती है.

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