PM मोदी के UCC वाले बयान के बाद मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बुलाई इमरजेंसी बैठक, लिया ये फैसला

Uniform Civil Code: पीएम मोदी के यूनियन सिविल कोड के सहिंता की वकालत किए जाने के बाद मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बुलाई इमरजेंसी बैठक और लिया फैसला ...

Sagar Dwivedi
Edited By: Sagar Dwivedi

Uniform Civil Code: साल 2024 के लोकसभा चुनाव आने से पहले समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर अटकले तेज हो गई हैं. देश के तमाम भाजपा नेताओं के बाद अब खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युनिफॉर्म सिविल कोड की वकालत की है. इसी बीच ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने इस मुद्दे पर बातचीत के लिए एक बैठक बुलाई. 

जिसमें ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष सैफुल्लाह रहमानी, मौलाना अरशद मदनी, मौलाना ख़ालिद रशीद फरंगी महली ने भी हिस्सा लिया. यह बैठक लगभग तीन घंटे तक हुई. इस दौरान यूनिफार्म सिविल कोड के कानूनी पहलुओं पर चर्चा की गई। इस बैठक में बोर्ड से जुड़े तमाम वकील मौजूद थे.

ये भी पढ़े: क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड और क्यों हैं जरूरी ? पीएम मोदी का क्या है UCC "मास्टर प्लान"

मीटिंग के दौरान लिया गया फैसला बोर्ड अपना एक पूरा ड्राप्ट तैयार करेगा. इसके बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से जुड़े लोग लॉ कमीशन के अध्यक्ष से मिलने का वक्त मांगा. इस दौरान बोर्ड अपना ड्राफ्ट लॉ कमीशन को देगा. बताया जा रहा है कि शरीयत के जरूरी हिस्सों का इस ड्राप्ट में जिक्र होगा. बैठक में पीएम मोदी के बयान पर अहम चर्चा की गई.

विपक्ष से भी यूनिफार्म सिविल कोड (UCC) के मुद्दे को मिलकर संसद में उठाने की गुजारिश की जाएगी. PM मोदी ने यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोध करने वालों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे लोग अपने हितों को साधने के लिए कुछ लोगों को भड़का रहे हैं. समान नागरिक संहिता का अर्थ है देश के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना जो धर्म पर आधारित न हो.


 

Topics

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag