'Operation Sindoor' ने दिया पहलगाम हमले के शहीदों को न्याय, परिवारों ने सेना की कार्रवाई की सराहना की- Video
पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए जवानों और नागरिकों के परिवारों ने ऑपरेशन सिंदूर की सराहना की. ऑपरेशन के नाम से लेकर इसकी कार्रवाई तक, सभी ने इसे सही कदम माना. जानिए कैसे इस मिशन ने शहीदों के परिवारों को सुकून दिया और आतंकवादियों को दिया करारा जवाब!

Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर ने एक तरफ जहां आतंकवादियों को करारा जवाब दिया, वहीं दूसरी ओर, पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले शहीदों के परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया. यह ऑपरेशन उन जवानों और नागरिकों की याद में किया गया जिन्होंने आतंकी हमले में अपनी जान गंवाई.
पहलगाम हमले के शहीद संतोष जगदाले की बेटी असावरी जगदाले ने कहा, 'ऑपरेशन का नाम सुनकर मैं खूब रोई. यह आतंकवादियों द्वारा मारे गए लोगों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि और न्याय है.' उनकी इस भावना में पूरी तरह से परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हैं, जिन्होंने ऑपरेशन को सही कदम माना.
#WATCH पुणे: #OperationSindoor | पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए संतोष जगदाले की बेटी असावरी जगदाले ने कहा, "ऑपरेशन का नाम सुनकर मैं बहुत रोई...यह आतंकवादियों द्वारा मारे गए लोगों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि है..." pic.twitter.com/NQwZebbuEr
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 7, 2025
कौस्तुभ गणबोटे के परिवार ने दी ऑपरेशन की सराहना
पहलगाम आतंकी हमले में अपनी जान गंवाने वाले कौस्तुभ गणबोटे की पत्नी संगीता गणबोटे ने भी ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अपनी भावना व्यक्त की. उन्होंने कहा, 'सेना द्वारा की गई कार्रवाई बहुत सही है और इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम देकर उन्होंने महिलाओं का सम्मान किया है. मैं आज भी कई दिनों तक रोती हूं. हम प्रधानमंत्री मोदी से ऐसी कार्रवाई का इंतजार कर रहे थे और उन्होंने उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया है. आतंकवादियों का सफाया होना चाहिए...' संगीता का कहना है कि इस कार्रवाई ने उनकी उम्मीदों को साकार किया है और उन्हें अपने शहीद पति की आत्मा को शांति मिली है.
एक चुटकी सिंदूर की कीमत पाकिस्तान क्या जाने! #OperationSindoor ने पहलगाम आतंकी हमले में शहीद कौस्तुभ गणबोते की पत्नी और सभी मातृशक्तियों का सम्मान किया। कुणाल गणबोते का कहना सही—भारत सरकार ने दिया करारा जवाब! 🇮🇳
— Arun Yadav (@BeingArun28) May 7, 2025
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कुणाल गणबोटे: 'ऑपरेशन का नाम मेरी मां के सम्मान में रखा गया'
कौस्तुभ गणबोटे के बेटे कुणाल गणबोटे ने भी ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अपनी भावनाएं साझा की. उन्होंने कहा, "...हम सभी इस तरह की कार्रवाई का इंतजार कर रहे थे, और हमें भारत सरकार से यही उम्मीद है. ऑपरेशन का नाम "सिंदूर" है और मुझे लगता है कि मेरी मां जैसी महिलाओं का सम्मान करने के लिए इसका नाम इस तरह रखा गया है..." कुणाल ने साफ तौर पर यह कहा कि ऑपरेशन का नाम इस कारण रखा गया ताकि उनकी मां जैसी महिलाओं को सम्मान मिले, जिन्होंने अपने परिवार के शहीद सदस्य को खोया है.
#OperationSindoor: पहलगाम आतंकी हमले में शहीद कौस्तुभ गणबोते की पत्नी संगीता जी का बयान, "सेना का कदम सराहनीय है। ऑपरेशन सिन्दूर नाम से महिलाओं का सम्मान किया। आदरणीय PM मोदी जी ने आतंकियों को करारा जवाब दिया। आतंक का खात्मा हो!" 🇮🇳 pic.twitter.com/TiLSC82gKd
— Arun Yadav (@BeingArun28) May 7, 2025
ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवादियों के खिलाफ भारत का मजबूत कदम
ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कोई भी कड़ा कदम उठाने में पीछे नहीं रहेगा. यह ऑपरेशन भारत के शहीदों के लिए श्रद्धांजलि और देश की सुरक्षा के लिए किए गए बड़े प्रयास का प्रतीक है. परिवारों की भावनाएं इस बात से झलकती हैं कि इस कार्रवाई ने उन्हें न्याय दिलाया और साथ ही उन्हें यह महसूस कराया कि उनके प्यारों की शहादत व्यर्थ नहीं गई.
ऑपरेशन सिंदूर ने न सिर्फ आतंकवादियों को जवाब दिया बल्कि शहीदों के परिवारों को भी एक मजबूत संदेश दिया कि भारत किसी भी कीमत पर आतंकवाद के खिलाफ खड़ा रहेगा. इससे यह भी साबित हुआ कि शहीदों की यादों को हमेशा जीवित रखा जाएगा और उनके बलिदान को कभी नहीं भुलाया जाएगा.


