भोजशाला को मंदिर मानने पर ओवैसी ने जताया विरोध, बोले- 700 साल से है मस्जिद

धार की विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद पर हाई कोर्ट के फैसले के बाद सियासत तेज हो गई है. ओवैसी ने फैसले का विरोध जताया. जबकि उमा भारती ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया. अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट पर टिकी है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

भोपाल: मध्य प्रदेश के धार स्थित विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर को लेकर हाई कोर्ट के फैसले के बाद देश की राजनीति और धार्मिक संगठनों में बहस तेज हो गई है. इंदौर खंडपीठ ने अपने फैसले में भोजशाला को मां सरस्वती का मंदिर माना है, जिसके बाद हिंदू और मुस्लिम पक्षों की प्रतिक्रियाएं खुलकर सामने आ रही हैं.

फैसले के बाद अब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने की तैयारी में है. जहां हिंदू संगठन इसे ऐतिहासिक न्याय बता रहे हैं, वहीं मुस्लिम पक्ष और कई राजनीतिक नेता फैसले पर सवाल उठा रहे हैं. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस निर्णय का कड़ा विरोध किया है, जबकि बीजेपी नेता उमा भारती ने इसे खुशी और गर्व का क्षण बताया है.

ओवैसी बोले- '700 साल से मस्जिद'

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए कहा कि भोजशाला पिछले 700 वर्षों से मस्जिद रही है और यह वक्फ संपत्ति है. उन्होंने 1935 के गजट, वक्फ रजिस्ट्रेशन और Places of Worship Act का हवाला देते हुए दावा किया कि अदालत ने कई अहम दस्तावेजों को नजरअंदाज किया है.

ओवैसी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस फैसले को पलट देगा.

दिग्विजय सिंह ने उठाए सवाल

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि भोजशाला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित स्मारक है और पूजा तथा इबादत से जुड़े विवाद पर अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट को करना चाहिए.

उन्होंने एएसआई रिपोर्ट की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस संवेदनशील मामले में हर निर्णय तथ्यों और निष्पक्ष जांच के आधार पर होना चाहिए.

संत समाज और हिंदू संगठनों में खुशी

हिंदू संगठनों और संत समाज ने हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है. स्वामी विष्णु दास महाराज ने इसे लंबे संघर्ष के बाद मिली जीत बताया. वहीं भोज उत्सव समिति के राजेश शुक्ला ने कहा कि अब बिना किसी बाधा के पूजा हो रही है और जल्द मूर्ति स्थापना की उम्मीद है.

उमा भारती ने जताई खुशी

बीजेपी की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “हाई कोर्ट ने धार की भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है. सभी तथ्य कोर्ट के सामने रखे गए थे. इस फैसले से मैं रोमांचित हूं, बधाई.”

मुस्लिम पक्ष जाएगा सुप्रीम कोर्ट

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने फैसले का विरोध करते हुए कहा, 'कमाल मौला मस्जिद थी, है और कयामत तक रहेगी.' उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले को चुनौती देगा, हालांकि समाज से शांति बनाए रखने की अपील भी की.

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