'तभी समझ गया था केजरीवाल ठीक आदमी नहीं', अन्ना आंदोलन पर प्रशांत भूषण का बड़ा खुलासा
अन्ना आंदोलन को लेकर करीब 15 साल बाद प्रशांत भूषण का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि इस आंदोलन से भाजपा सत्ता में आई और आम आदमी पार्टी भी वैकल्पिक राजनीति देने में असफल रही. अरविंद केजरीवाल को लेकर उनके अनुभव ने एक बार फिर सियासी बहस छेड़ दी है.

नई दिल्ली: करीब डेढ़ दशक पहले देश की राजनीति को झकझोर देने वाले अन्ना आंदोलन को लेकर अब इसके एक प्रमुख चेहरा रहे प्रशांत भूषण ने खुलकर पछतावा जताया है. सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता प्रशांत भूषण का कहना है कि इस आंदोलन का सबसे बड़ा फायदा भाजपा को मिला और वही सत्ता के केंद्र तक पहुंच गई.
प्रशांत भूषण ने यह भी स्वीकार किया कि जिस वैकल्पिक राजनीति के सपने के साथ आम आदमी पार्टी का गठन हुआ था, वह भी समय के साथ दूसरे दलों जैसी ही बन गई. उन्होंने अरविंद केजरीवाल के एक फैसले को याद करते हुए कहा कि उसी वक्त उन्हें यह अहसास हो गया था कि "केजरीवाल ठीक आदमी नहीं हैं."
अन्ना आंदोलन पर क्यों हो रहा है पछतावा?
मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में प्रशांत भूषण ने कहा कि उन्हें इस बात का गहरा अफसोस है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुआ अन्ना आंदोलन अंततः भाजपा के सत्ता में आने का रास्ता बन गया. उन्होंने कहा,"मुख्य पछतावा इस बात का है कि हमारे आंदोलन का सहारा लेकर भाजपा ने न सिर्फ कांग्रेस को गिराया बल्कि सत्ता में भी आ गई."
भूषण ने साफ किया कि यह वही भाजपा नहीं थी जो अटल बिहारी वाजपेयी के दौर में थी, बल्कि यह मोदी-शाह की भाजपा है, जिसने देश, संविधान, सभ्यता और मौलिक अधिकारों को नुकसान पहुंचाया.
मनमोहन सिंह पर हमलों को लेकर भी अफसोस
प्रशांत भूषण ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि अन्ना आंदोलन के दौरान मनमोहन सिंह पर जो हमले हुए, उन्हें लेकर भी उन्हें पछतावा है.उनके मुताबिक, संभव है कि गठबंधन की मजबूरियों के चलते मनमोहन सिंह को उस समय यह अहसास न हुआ हो कि भ्रष्टाचार किस हद तक बढ़ चुका था.
‘दिखने लगी थी केजरीवाल और कुमार विश्वास की राइट विंग सोच’
आंदोलन को मिले आरएसएस समर्थन पर सवाल के जवाब में प्रशांत भूषण ने स्वामी रामदेव और श्री श्री रविशंकर पर भाजपा की मदद करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उन्हें उस समय यह समझ नहीं आया कि ये लोग भाजपा के कहने पर आंदोलन के समर्थन में आए थे.
भूषण ने यह भी कहा,"कुमार विश्वास को लेकर अंदाजा नहीं था कि वह भाजपा के इतने बड़े समर्थक हैं. बाद में अरविंद केजरीवाल की भी राइट विंग आइडियोलॉजी दिखने लगी."
'तब मुझे लगा केजरीवाल ठीक आदमी नहीं'
प्रशांत भूषण ने अरविंद केजरीवाल पर आंदोलन को धोखा देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि इंडिया अगेंस्ट करप्शन से जुड़े कई लोग वैकल्पिक राजनीति के उद्देश्य से आम आदमी पार्टी में आए थे.
उन्होंने कहा,"हमने 32 पॉलिसी कमेटियां बनाई थीं. एक्सपर्ट्स ने रिपोर्ट दी थी. लेकिन अरविंद केजरीवाल ने कह दिया कि हमें किसी पॉलिसी की जरूरत नहीं है, जब मुद्दा आएगा तब राजनीतिक रूप से सुविधाजनक स्टैंड लेंगे."
भूषण के मुताबिक, इसी वक्त उन्हें अहसास हो गया था कि केजरीवाल पार्टी को सही दिशा में नहीं ले जाएंगे.
AAP की ओर से नहीं आया कोई जवाब
प्रशांत भूषण के इन आरोपों पर फिलहाल आम आदमी पार्टी या अरविंद केजरीवाल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. हालांकि, उनके इस बयान ने एक बार फिर अन्ना आंदोलन और उससे निकली राजनीति पर नई बहस छेड़ दी है.


