सरकारी स्कूलों को ऐतिहासिक समर्थन से भगवंत मान सरकार की शिक्षा क्रांति को नई मजबूती
पंजाब में सरकारी स्कूलों की तस्वीर तेजी से बदल रही है। स्कूल ऑफ एमिनेंस और रेज़िडेंशियल स्कूलों में रिकॉर्ड आवेदन यह दिखाते हैं कि अभिभावकों का भरोसा अब सरकारी शिक्षा पर लौट रहा है।

पंजाब सरकार की शिक्षा नीति के नतीजे अब साफ दिखने लगे हैं। सरकारी स्कूलों को लेकर जो शंकाएं थीं, वे धीरे-धीरे खत्म हो रही हैं। स्कूल ऑफ एमिनेंस और रेज़िडेंशियल स्कूलों में भारी आवेदन इसका प्रमाण हैं। अभिभावक अब निजी स्कूलों के बजाय सरकारी संस्थानों को चुन रहे हैं। इसका मतलब है कि शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हुई है। सुविधाएं बढ़ी हैं। पढ़ाई का माहौल बदला है।
क्या शिक्षा क्रांति के नतीजे जमीन पर दिख रहे हैं?
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह सब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू हुई शिक्षा क्रांति का परिणाम है। सरकार ने स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश किया। शिक्षकों की ट्रेनिंग कराई गई। स्मार्ट क्लास और आधुनिक लैब बनाई गईं। अब वही मेहनत नतीजों में बदल रही है। आवेदन की संख्या सरकार की नीतियों पर मुहर है। यह बदलाव कागजों तक सीमित नहीं है।
क्या सीटों से दस गुना ज्यादा आवेदन आना बड़ा संकेत है?
शिक्षा मंत्री ने बताया कि कुल लगभग 20,000 सीटों के लिए 2 लाख से अधिक आवेदन आए हैं। यह आंकड़ा सामान्य नहीं है। इसका मतलब है कि प्रतियोगिता बढ़ी है। विद्यार्थी खुद आगे आकर इन स्कूलों में पढ़ना चाहते हैं। पहले सरकारी स्कूलों में सीटें खाली रह जाती थीं। अब हालत उलट है। यह भरोसे की वापसी का संकेत है। यह बदलाव एक दिन में नहीं हुआ।
कितने स्कूल और कितनी सीटें उपलब्ध हैं?
राज्य में इस समय 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस और 10 रेज़िडेंशियल स्कूल काम कर रहे हैं। नौवीं कक्षा के लिए स्कूल ऑफ एमिनेंस में 4,248 सीटें हैं। हर स्कूल में 36 सीटें तय की गई हैं। वहीं रेज़िडेंशियल स्कूलों में सीमित सीटें हैं। इन स्कूलों को खासतौर पर मेधावी छात्रों के लिए तैयार किया गया है। उद्देश्य है कि प्रतिभा को सही मंच मिले। यह मॉडल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
11वीं कक्षा में प्रवेश का गणित क्या कहता है?
11वीं कक्षा के लिए कुल स्वीकृत सीटें 15,104 हैं। इनमें से 3,917 विद्यार्थी पहले से स्कूल ऑफ एमिनेंस में पढ़ रहे हैं। उन्हें पदोन्नति के जरिए 11वीं में लिया जाएगा। इसके अलावा 11,187 सीटें नई प्रवेश के लिए उपलब्ध हैं। रेज़िडेंशियल स्कूलों में 4,600 सीटें रखी गई हैं। इससे साफ है कि सरकार उच्च कक्षाओं पर भी बराबर ध्यान दे रही है।
पंजीकरण के आंकड़े क्या तस्वीर दिखाते हैं?
नौवीं कक्षा के लिए 93,300 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है। इनमें से 74,855 आवेदन पूरे हो चुके हैं। 11वीं कक्षा के लिए 1,10,716 पंजीकरण हुए हैं। इनमें से 92,624 आवेदन सफलतापूर्वक जमा किए जा चुके हैं। अभी भी हजारों विद्यार्थी अंतिम चरण में हैं। यह बताता है कि छात्रों में उत्साह है। अभिभावक भी गंभीरता से प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।
अभिभावकों और छात्रों के लिए आगे क्या जरूरी है?
शिक्षा मंत्री ने बताया कि आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 25 जनवरी 2026 है। प्रवेश परीक्षा 1 मार्च 2026 को होगी। एडमिट कार्ड और परीक्षा केंद्रों की जानकारी समय पर दी जाएगी। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि अंतिम समय का इंतजार न करें। समय पर आवेदन पूरा करें। यह मौका छात्रों के भविष्य को नई दिशा दे सकता है।


