कनाडा का सपना, सलाखों की हकीकत: स्टडी वीजा पर गए तीन पंजाबी छात्र गिरफ्तार

रूस ने कड़ाके की ठंड के बीच यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर रिकॉर्ड मिसाइल हमले किए, जिससे कीव में हजारों घरों की बिजली ठप हो गई. हमले वार्ता से पहले हुए. जेलेंस्की ने रूस पर कूटनीति छोड़ आतंक का रास्ता अपनाने का आरोप लगाया.

Shraddha Mishra

पंजाब: कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में तीन पंजाबी छात्रों की गिरफ्तारी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. ये तीनों छात्र पंजाब से 12वीं के बाद पढ़ाई के लिए कनाडा गए थे. परिवारों ने सोचा था कि बच्चे मेहनत करेंगे और भविष्य बनाएंगे. लेकिन पुलिस कार्रवाई ने इस सोच को झकझोर दिया. उम्र 19 से 21 साल के बीच है. पुलिस ने इन्हें अपराध के गंभीर आरोपों में पकड़ा. यह खबर सिर्फ गिरफ्तारी नहीं बताती. यह सिस्टम की कमजोरी भी दिखाती है.

कौन हैं गिरफ्तार किए गए छात्र?

गिरफ्तार छात्रों की पहचान हरजोत सिंह, दयाजीत सिंह बिलिंग और तरनवीर सिंह के रूप में हुई है. तीनों पंजाब के रहने वाले हैं. तीनों स्टडी वीजा पर कनाडा पहुंचे थे. पुलिस रिकॉर्ड में ये छात्र बताए जा रहे हैं. लेकिन अब नाम अपराध की फाइलों में दर्ज हैं. यही सबसे बड़ा सवाल है. क्या पढ़ाई का रास्ता भटक गया. या किसी और ने इन्हें इस्तेमाल किया.

फिरौती मामलों से कैसे जुड़ा नाम?

कनाडा पुलिस का कहना है कि ये गिरफ्तारी फिरौती वसूली के मामलों की जांच का हिस्सा है. खास तौर पर पंजाबी मूल के कारोबारियों को निशाना बनाया जा रहा था. जनवरी और फरवरी में ऐसे 46 मामले दर्ज हुए. पुलिस ने इसके लिए खास टास्क फोर्स बनाई. उसी टीम ने इन छात्रों को पकड़ा. यह कोई अलग घटना नहीं लगती. यह एक पैटर्न दिखाती है. जो लंबे समय से पनप रहा था.

गोलीबारी की घटना ने क्या मोड़ लिया?

सरी शहर के क्रिसेंट बीच इलाके में एक घर के बाहर गोलीबारी हुई. इसके साथ आगजनी की सूचना भी मिली. इलाके में दहशत फैल गई. पुलिस तुरंत हरकत में आई. घटना के तुरंत बाद तीन युवक टैक्सी में भागते दिखे. पुलिस ने टैक्सी रोककर तीनों को पकड़ लिया. यहीं से पूरा मामला खुला. यही वह पल था. जब छात्र आरोपी बन गए.

गिरफ्तारी के दौरान क्या हुआ?

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के समय आरोपियों ने विरोध किया. स्थिति को काबू में करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा. इसी दौरान तीनों को चोटें आईं. पुलिस ने साफ किया कि यह प्रक्रिया के दौरान हुआ. कोई अलग कार्रवाई नहीं की गई. इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया. कोर्ट ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया. फिलहाल जांच जारी है.

विदेशी नागरिक होने से बढ़ी मुश्किल?

तीनों आरोपी कनाडा के नागरिक नहीं हैं. वे स्टडी वीजा पर वहां रह रहे थे. इस वजह से मामला और गंभीर हो गया है. कनाडा बॉर्डर सिक्योरिटी एजेंसी भी जांच में शामिल है. स्टडी और वर्क परमिट की जांच हो रही है. अगर आरोप साबित होते हैं तो अतिरिक्त धाराएं लग सकती हैं. डिपोर्टेशन की कार्रवाई भी संभव है. यह छात्रों के लिए बड़ा झटका है.

पंजाब के परिवार क्या सोच रहे?

पंजाब में इन छात्रों के घरों में चिंता का माहौल है. माता-पिता को समझ नहीं आ रहा कि यह सब कैसे हुआ. गांवों में चर्चा है. लोग सवाल पूछ रहे हैं. क्या विदेश भेजना ही काफी है. क्या निगरानी और मार्गदर्शन जरूरी नहीं. यह खबर एक चेतावनी है. सिर्फ सपने दिखाने से काम नहीं चलता. सही दिशा भी उतनी ही जरूरी है.

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