मान सरकार का बड़ा कदम, पंजाब ट्रेड कमीशन से व्यापारियों को नई राहत

पंजाब सरकार ने व्यापारियों के लिए पंजाब ट्रेड कमीशन बनाने का फैसला किया है। छोटे दुकानदारों और उद्यमियों को अब मंजूरी और कागजी काम के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

भगवंत मान सरकार ने पंजाब ट्रेड कमीशन बनाने की घोषणा की है। इसका मकसद व्यापारियों का काम आसान करना है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार कारोबार को मजबूत करना चाहती है। छोटे दुकानदारों को राहत दी जाएगी। प्रशासन को जवाबदेह बनाया जाएगा। यह कदम छोटे और मझोले व्यापारियों को ध्यान में रखकर उठाया गया है। सरकार चाहती है कि व्यापार बढ़े और प्रक्रियाएं सरल हों। इससे बाजार में भरोसा भी बढ़ेगा।

क्या अब ‘पिलर टू पोस्ट’ भागना बंद होगा?

चीमा ने कहा कि छोटे व्यापारी मामूली काम के लिए भी कई दफ्तरों के चक्कर लगाते हैं। इससे समय और पैसा दोनों खर्च होता है। यह व्यवस्था बदलेगी। एक प्लेटफॉर्म पर मंजूरी और क्लियरेंस मिलेगी। रोजमर्रा के काम में आसानी आएगी। व्यापारी को अलग-अलग विभागों के पास नहीं जाना पड़ेगा। एक ही जगह से मार्गदर्शन और समाधान मिलेगा। इससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी कम होगी।

क्या अलग प्लेटफॉर्म बनेगा व्यापारियों के लिए?

मंत्री ने कहा कि यह कमीशन समर्पित मंच होगा। यहां व्यापारियों की शिकायतें सुनी जाएंगी। समयबद्ध समाधान दिया जाएगा। जिम्मेदारी तय होगी। फाइलें लटकेंगी नहीं। पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। हर आवेदन की निगरानी की जाएगी। तय समय सीमा के भीतर जवाब देना अनिवार्य होगा। देरी होने पर संबंधित अधिकारी से जवाब मांगा जाएगा।

क्या जिलों में तैयारी शुरू हो चुकी है?

इस योजना के लिए दस जिलों में बैठकें हुईं। फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना, मोगा, मलेरकोटला, पटियाला, रूपनगर, संगरूर, बरनाला और बठिंडा शामिल रहे। अधिकारियों ने रोडमैप तैयार किया। स्थानीय व्यापारियों से सुझाव लिए गए। जिला स्तर पर समन्वय की रूपरेखा बनाई गई। प्रशासनिक टीमों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। लागू करने की समयसीमा पर भी चर्चा हुई।

क्या समयबद्ध शिकायत निपटान होगा?

चीमा ने कहा कि ग्रिवेंस रिड्रेसल सिस्टम बनाया जा रहा है। हर शिकायत का जवाब तय समय में मिलेगा। अफसरों की जवाबदेही होगी। अनावश्यक देरी खत्म होगी। व्यापारी भरोसे के साथ काम कर सकेंगे। ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम भी जोड़ा जाएगा। शिकायत की स्थिति व्यापारी खुद देख सकेगा। समाधान प्रक्रिया पारदर्शी रखी जाएगी।

क्या ईमानदार कारोबारियों को मिलेगा सहारा?

मंत्री ने कहा कि व्यापारी राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। ईमानदार व्यापारियों को संरचित समर्थन मिलेगा। सिंगल विंडो सिस्टम लागू होगा। उन्हें कागजी अड़चनों से राहत दी जाएगी। लाइसेंस और पंजीकरण प्रक्रिया आसान होगी। नियमों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार सहयोगी की भूमिका में रहेगी।

क्या कारोबार का माहौल सुधरेगा?

चीमा ने दोहराया कि कमीशन सेवा और पारदर्शिता की भावना से बनेगा। लक्ष्य है ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ाना। सरकार चाहती है कि व्यापारी विस्तार करें। प्रशासन उनके साथ खड़ा रहेगा, उनके खिलाफ नहीं। निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। नए उद्यमियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। पंजाब को व्यापार के लिए बेहतर राज्य बनाने की दिशा में यह कदम अहम माना जा रहा है।

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