'अंबानी जेल में क्यों नहीं...' राहुल गांधी ने एपस्टीन फाइल्स और अडानी केस का खोला राज! पीएम मोदी के आंखों में बताया डर
राहुल गांधी ने एक बार फिर पीएम मोदी पर हमला बोला है. उन्होंने लोकसभा में एपस्टीन फाइल्स और अडानी केस का जिक्र किया और साफ-साफ सवाल किया कि अनिल अंबानी जेल में क्यों नहीं हैं?

नई दिल्ली: लोकसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने प्रधानमंत्री की आंखों में डर का जिक्र किया और इसे एपस्टीन फाइल्स तथा अडानी केस से जोड़ा. सत्र के दौरान सत्ता पक्ष ने विरोध किया, जिससे सदन में हंगामा हुआ. राहुल ने कहा कि तीन मिलियन फाइल्स अभी भी लॉक हैं, जो कई रहस्य छिपाए हुए हैं.
पीएम की आंखों में डर की वजह
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री की आंखों में डर साफ नजर आता है. इसके दो मुख्य कारण हैं, पहला एपस्टीन केस और दूसरा अडानी. उन्होंने रक्षा बजट पर केंद्र की पकड़ का जिक्र किया और कहा कि अडानी कोई साधारण कारोबारी नहीं हैं.
उनकी कंपनी पर अमेरिका में मुकदमा चल रहा है, लेकिन निशाने पर पीएम हैं. राहुल ने दावा किया कि अडानी की कंपनी बीजेपी की आर्थिक संरचना का हिस्सा है. इस पर भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद और किरेन रिजिजू ने कड़ी आपत्ति जताई.
अडानी और अनिल अंबानी पर सवाल
राहुल ने अनिल अंबानी का नाम लेकर पूछा कि वे जेल में क्यों नहीं हैं. उन्होंने कहा कि एपस्टीन फाइल्स में कुछ नाम है, जिन पर आपराधिक आरोप है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का जिक्र करते हुए राहुल ने सदन में मौजूद सदस्यों पर निशाना साधा.
सत्ता पक्ष ने इसे बेबुनियाद आरोप बताया और स्पीकर जगदंबिका पाल से हस्तक्षेप की मांग की. राहुल ने स्पीकर पर भी टिप्पणी की कि वे भाजपा के पूर्व सदस्य हैं.
#WATCH | In the Parliament, Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, "There is a businessman Anil Ambani, I want to ask why is he not in jail? The reason is that his name is in the Epstein Files. I would also like to ask Hardeep Puri, who introduced him to Epstein. I know… pic.twitter.com/gIXqraRSIC
— ANI (@ANI) February 11, 2026
भारत को 'बेचने' का आरोप
राहुल गांधी ने सरकार पर अमेरिका के दबाव में फैसले लेने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को अमेरिकी कंपनियों के लिए खोल दिया गया, लेकिन किसानों की चिंता नहीं की. अमेरिका का टैरिफ 3% से बढ़कर 18% हो गया, जिससे भारत को नुकसान हुआ.
राहुल ने पूछा कि भारत को बेचकर सरकार को शर्म क्यों नहीं आती. उन्होंने कहा कि कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री ऐसी व्यापारिक डील पर हस्ताक्षर नहीं करता, जब तक दबाव न हो.
140 करोड़ की जनता का 'सरेंडर'
राहुल ने दावा किया कि भारत ने अपना डेटा अमेरिका को सौंप दिया और किसानों को विदेशी कंपनियों के सामने झुका दिया. यह पूरा सरेंडर है - न सिर्फ पीएम का, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का. इसके पीछे बीजेपी की आर्थिक संरचना है. सदन में हंगामे के बीच राहुल ने कहा कि देश के फैसले अमेरिका कैसे तय कर रहा है.


