'हर चीज़ के लिए भारत को दोषी ठहराना बंद करें..' बांग्लादेश को एस जयशंकर की कड़ी चेतावनी

बांग्लादेश और भारत के बीच हालिया कूटनीतिक तनातनी ने द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एस जयशंकर का कड़ा बयान यह साफ कर देता है कि भारत अब बांग्लादेश की दोहरी नीति को स्वीकार नहीं करेगा.आपको बता दें कि विदेश मंत्री की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब बांग्लादेश की तरफ से लगातार भारत विरोधी बयान सामने आ रहे हैं.

Deeksha Parmar
Edited By: Deeksha Parmar

भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ढाका को स्पष्ट संदेश दिया है. उन्होंने बांग्लादेश को आगाह करते हुए कहा कि वह भारत के साथ अपने संबंधों को लेकर गंभीर निर्णय ले. जयशंकर ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के उन "हास्यास्पद" बयानों पर भी निशाना साधा, जिसमें भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाए गए थे. उनका कहना था कि बांग्लादेश सरकार एक ओर भारत से मजबूत रिश्ते की बात करती है और दूसरी ओर हर समस्या के लिए भारत को दोषी ठहराती है.

विदेश मंत्री की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब बांग्लादेश की तरफ से लगातार भारत विरोधी बयान सामने आ रहे हैं. जयशंकर ने साफ शब्दों में कहा कि बांग्लादेश को अब तय करना होगा कि वह भारत के साथ मित्रता चाहता है या शत्रुता बढ़ाना.

बांग्लादेश की नीति पर जयशंकर का करारा जवाब

मस्कट में बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन से मुलाकात के कुछ दिनों बाद एस जयशंकर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को यह नहीं कहना चाहिए कि वह भारत के साथ अच्छे संबंध चाहता है और फिर हर मुद्दे पर नई दिल्ली को दोषी ठहराए. जयशंकर ने कहा, "अगर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में कोई रोज खड़ा होकर भारत को हर चीज़ के लिए दोषी ठहराता है और उसके बयान हास्यास्पद हैं, तो आप यह नहीं कह सकते कि मैं आपके साथ अच्छे संबंध रखना चाहता हूं, लेकिन हर सुबह उठकर आपको ही दोष दूं. यह फैसला अब उन्हें करना होगा."

भारत के लिए सबसे गंभीर चिंता – अल्पसंख्यकों पर हमले

विदेश मंत्री ने इस मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाया कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ते सांप्रदायिक हमले भारत के लिए गहरी चिंता का विषय हैं. जयशंकर ने कहा कि यह एक ऐसा मुद्दा है, जिसे भारत नजरअंदाज नहीं कर सकता. उन्होंने साफ किया कि "हमने कई मौकों पर अपनी चिंता व्यक्त की है. अल्पसंख्यकों पर होने वाले हमले हमारे द्विपक्षीय संबंधों पर सीधा असर डालते हैं."

बांग्लादेश में आतंकवाद और भारत विरोधी माहौल

जयशंकर ने बांग्लादेश में पाकिस्तान के बढ़ते प्रभाव और आतंकवादी संगठनों के समर्थन पर भी चिंता जताई. उन्होंने ढाका को स्पष्ट रूप से आगाह किया कि आतंकवाद को सामान्य न बनाया जाए. "हम सभी जानते हैं कि दक्षिण एशिया में कौन सा देश और कौन सी ताकतें SAARC (सार्क) को बाधित करने के लिए जिम्मेदार हैं. यह बांग्लादेश की ज़िम्मेदारी है कि वह अपने अंदरूनी हालात को नियंत्रित करे और आतंकवाद को सामान्य न बनाए."

शत्रुता छोड़ें या अलग राह अपनाएं

जयशंकर ने कहा कि भारत बांग्लादेश के साथ शांतिपूर्ण और मजबूत संबंधों की उम्मीद रखता है, लेकिन वह लगातार शत्रुता और भारत विरोधी प्रचार को सहन नहीं करेगा. "हम चाहते हैं कि बांग्लादेश इस बात पर स्पष्ट रूप से अपना पक्ष रखे – क्या वह भारत के साथ मजबूत संबंध चाहता है या बेवजह भारत विरोधी रुख अपनाना जारी रखेगा?

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