हिमाचल में भारी बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, 600 से अधिक सड़कें बंद, पहाड़ी इलाकों में फंसे सैकड़ों लोग

देश के पहाड़ी इलाकों में मौसम ने अचानक करवट बदली है. हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और उत्तराखंड में भारी बर्फबारी से ठंड फिर से बढ़ गई है, जिससे रोज़मर्रा की ज़िंदगी और ट्रांसपोर्टेशन पर बुरा असर पड़ा है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: देश के पहाड़ी राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में हो रही भारी बर्फबारी ने जहां ठंड को एक बार फिर तेज कर दिया है, वहीं आम जनजीवन और यातायात पर इसका गहरा असर पड़ा है. तीन महीने के लंबे सूखे के बाद यह सीजन की पहली बड़ी बर्फबारी मानी जा रही है, जिसे देखने और महसूस करने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहाड़ों की ओर पहुंच गए हैं.

हालांकि, बर्फ की सफेद चादर जहां सैलानियों के लिए आकर्षण बन रही है, वहीं प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए यह बड़ी चुनौती बन चुकी है. सैकड़ों सड़कें बंद हैं, नेशनल हाईवे पर आवाजाही ठप है और कई इलाकों में लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे.

हिमाचल प्रदेश में 600 से ज्यादा सड़कें ठप

हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के चलते हालात सबसे ज्यादा खराब हैं. राज्य में दो नेशनल हाईवे समेत कुल 685 से अधिक सड़कें बंद हो चुकी हैं. इनमें स्पीति की 292 सड़कें सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. इसके अलावा चंबा में 132, मंडी में 126, कुल्लू में 79, सिरमौर में 29, किन्नौर में 20, कांगड़ा में चार, ऊना में दो और सोलन में एक सड़क बंद पाई गई.

मनाली के पास बर्फ में फंसी 100 से ज्यादा गाड़ियां

मनाली और उसके आसपास के इलाकों में भारी बर्फबारी के कारण सड़कें पूरी तरह बर्फ से ढक गई हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मनाली के पास 100 से ज्यादा वाहन बर्फ में फंसे हुए हैं, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग गया. प्रशासन ने पर्यटकों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने और दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है.

जाम में घंटों फंसे रहे लोग

पर्यटकों की भारी भीड़ के चलते कई इलाकों में हालात और भी बिगड़ गए. शनिवार को कई जगहों पर लोग 8 घंटे से ज्यादा समय तक जाम में फंसे रहे. शिमला से करीब 10 किलोमीटर दूर ढल्ली के आगे ट्रैफिक रोक दिया गया, क्योंकि हिंदुस्तान-तिब्बत रोड का बड़ा हिस्सा बर्फ की मोटी परत से ढका हुआ था.

जम्मू-कश्मीर में NH-44 बंद

जम्मू-कश्मीर में भी बर्फबारी ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं. जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) लगातार दूसरे दिन भी सभी वाहनों के लिए बंद रहा. मरम्मत कार्य के चलते उधमपुर के जखानी इलाके में सैकड़ों गाड़ियां फंसी हुई हैं. ट्रैफिक पुलिस ने सुरक्षा को देखते हुए आवाजाही पूरी तरह रोक दी है.

प्रशासन ने दी जानकारी

इस संबंध में अधिकारी विनय गुप्ता ने कहा,"बर्फबारी के कारण नेशनल हाईवे कल रात से बंद है. पटनीटॉप जाने वाले टूरिस्ट के लिए सड़क को कुछ समय के लिए खोला गया है. हम उन्हें पटनीटॉप जाने की इजाज़त देने से पहले उनकी होटल बुकिंग और ID चेक कर रहे हैं. श्रीनगर जाने वाली सड़क अभी भी बंद है. डोडा-किश्तवाड़ सड़क भी बंद है. वहां मरम्मत का काम चल रहा है."

गुलमर्ग-बानी में बर्फ की मोटी चादर

जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में अब भी बर्फबारी जारी है. गुलमर्ग और बानी जैसे इलाकों में बर्फ की मोटी परत जम चुकी है. गुलमर्ग में तापमान माइनस 12 डिग्री और श्रीनगर में माइनस 1.4 डिग्री दर्ज किया गया है. कई पर्यटक यहां फंसे हुए हैं, जिन्हें सेना और प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और खाने-रहने की व्यवस्था की जा रही है.

बर्फबारी के बाद मसूरी भी हुआ फुल

उत्तराखंड में इस सीजन की पहली बर्फबारी के बाद मसूरी और आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में पर्यटकों की संख्या अचानक बढ़ गई है. होटल पूरी तरह से बुक हैं और टूर ऑपरेटरों का कारोबार भी रफ्तार पकड़ चुका है. बर्फबारी से स्थानीय दुकानदारों में भी खुशी देखने को मिल रही है, उनका कहना है कि इससे पर्यटन और स्थानीय बिजनेस को सहारा मिला है.

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