आत्मघाती हमला या फिर IED ब्लास्ट, एनआईए ने किया बड़ा खुलासा, i20 कार मालिक भी हुआ गिरफ्तार

एनआईए ने लाल किला कार बम धमाके की जांच में आमिर को गिरफ्तार किया, जो आत्मघाती हमलावर उमर की मदद कर रहा था. फोरेंसिक में उमर की पहचान हुई. 73 गवाहों से पूछताछ जारी है. कई राज्यों की पुलिस के साथ बड़े नेटवर्क की तलाश चल रही है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि 10 नवंबर के हमले में इस्तेमाल की गई कार आमिर नामक व्यक्ति के नाम पर दर्ज थी. इस आधार पर एजेंसी ने उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया. एनआईए के अनुसार, आमिर कुछ दिन पहले ही राजधानी आया था, ताकि वह उमर को उस कार की व्यवस्था करने में मदद कर सके, जिसे बाद में विस्फोटकों से भरी वाहन-जनित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (VBIED) में बदला गया.

अल-फलाह विश्वविद्यालय से जुड़ा आत्मघाती हमलावर

एनआईए ने खुलासा किया कि उमर उन नबी फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय में जनरल मेडिसिन विभाग में सहायक प्रोफेसर था. फोरेंसिक जांच से यह भी पुष्टि हुई कि विस्फोट के बाद घटनास्थल पर मिला जला हुआ शव उसी का था. इससे यह साफ हुआ कि वह कार में बैठे हुए ही विस्फोटक सामग्री को लेकर लाल किले की ओर आया था और वही आत्मघाती हमलावर था.

दूसरा वाहन भी जांच के दायरे में

जांचकर्ताओं ने उमर से जुड़े एक और वाहन को जब्त किया है, जिसे फोरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा गया है. माना जा रहा है कि यह वाहन साजिश से संबंधित अतिरिक्त सबूत दे सकता है.

73 लोगों से पूछताछ

एनआईए ने मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए अब तक 73 से अधिक लोगों से पूछताछ की है. इनमें धमाके के दौरान घायल हुए कई प्रत्यक्षदर्शी भी शामिल हैं. इनके बयान जांच को नई दिशा दे रहे हैं.

कई राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय

जांच एजेंसी दिल्ली पुलिस के अलावा जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ तालमेल करके कई राज्यों में सुराग तलाश रही है. अधिकारियों का मानना है कि साजिश में सिर्फ दो लोग नहीं, बल्कि एक बड़ा नेटवर्क शामिल हो सकता है, इसलिए आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ होने की संभावना है.

बड़े नेटवर्क की तलाश जारी

एनआईए का कहना है कि अब मुख्य लक्ष्य इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करना है—वे लोग जिन्होंने हमले की योजना बनाई, लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया या फंडिंग की. एजेंसी सुनिश्चित करना चाहती है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार प्रत्येक व्यक्ति को चिन्हित किया जाए और कानून के दायरे में लाया जाए.

इस संवेदनशील मामले में हर छोटी से छोटी जानकारी की पड़ताल हो रही है, ताकि राजधानी में हुए इस घातक विस्फोट के पीछे छिपे पूरे तंत्र का सच सामने आ सके.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो