जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले की साजिश नाकाम, बारामूला में सड़क पर बिछाया था मौत का समान
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों की सतर्कता ने एक बार फिर बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है. हाल ही में कई जगहों पर आईईडी मिलने के बाद, शनिवार को गांदरबल के सफापोरा इलाके में सड़क किनारे एक बैग में छिपा खतरनाक आईईडी बरामद हुआ.

देशभर में पूजा स्थलों और ऐतिहासिक इमारतों पर संभावित आतंकी हमलों की खुफिया चेतावनी के बीच जम्मू-कश्मीर में एक बड़ा हादसा टल गया. गांदरबल जिले में सड़क किनारे एक इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोजिव डिवाइस मिला, जिसे सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते निष्क्रिय कर दिया. यह घटना कोहेस्तान कॉलोनी के पास गुलाब शेख मोहल्ले में हुई, जहां बैग में रखा गया विस्फोटक उपकरण सड़क के किनारे पड़ा था.
एक दिन पहले ही बारामूला जिले के जांबाजपोरा इलाके में भी इसी तरह का IED बरामद हुआ था, जिसे सेना ने बड़ी सावधानी से निष्क्रिय किया. सुरक्षा बलों का कहना है कि ये घटनाएं आतंकियों की साजिश का हिस्सा हैं. घाटी में लगातार सतर्कता और खुफिया एजेंसियों की सक्रियता के कारण कई बड़े हादसे टल चुके हैं.
कश्मीर में IED बरामदगी
जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों को गांदरबल में मिली सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर IED को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया. इसी तरह बारामूला में भी सेना ने एक दिन पहले IED को डिफ्यूज किया. सेना का स्पष्ट कहना है कि यह आतंकियों की साजिश है, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया. घाटी में ऐसी कई घटनाओं को रोकने में सुरक्षाबलों की सतर्कता और एजेंसियों के अलर्ट ने अहम भूमिका निभाई है.
दिल्ली में आतंकी खतरे का अलर्ट
दिल्ली में खुफिया एजेंसियों से मिली सूचना के बाद शनिवार को लाल किला, चांदनी चौक और अन्य प्रमुख धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया. एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिया था कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की सूची तैयार की है. लाल किले के आसपास संभावित विस्फोट के खतरे को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है.
निशाना बनाया जा सकता है इन-इन जगहों को
सूत्रों ने बताया कि खुफिया जानकारी में चांदनी चौक स्थित एक मंदिर को भी संभावित निशाना बनाने का जिक्र है. सूत्रों ने कहा कि खुफिया जानकारी का सत्यापन और उनका आकलन किया जा रहा है. इसी के मद्देनजर संवेदनशील धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
लश्कर-ए-तैयबा की IED आधारित साजिश का संकेत
खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिया है कि लश्कर-ए-तैयबा इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस आधारित हमले को अंजाम देने की कोशिश कर सकता है. सूत्रों के अनुसार हमले की यह कथित साजिश आतंकी समूह द्वारा छह फरवरी को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में एक मस्जिद में हुए विस्फोट का बदला लेने के प्रयासों से जुड़ी है.
वाहन जांच और बम दस्तों की तैनाती
सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसियां और दिल्ली पुलिस की इकाइयां आपस में करीबी समन्वय बनाए हुए हैं और सीसीटीवी निगरानी, वाहनों की जांच व संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती के माध्यम से निगरानी बढ़ा दी गई है. उन्होंने बताया कि बम निरोधक दस्ते, खोजी दस्ते और त्वरित प्रतिक्रिया दल भी रणनीतिक स्थानों पर तैनात किए गए हैं. यह चेतावनी 10 नवंबर, 2025 को लाल किले के पास हुए घातक कार विस्फोट की पृष्ठभूमि में जारी की गई है. विस्फोट में कम से कम 13 लोग मारे गए थे और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे.
लोगों से सतर्कता की अपील
सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि के बारे में तुरंत पुलिस या आपातकालीन सेवाओं को सूचित करने का आग्रह किया है. अधिकारियों ने कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है और ये उपाय एहतियात के तौर पर किए गए हैं. एक अधिकारी ने बताया कि आगे की जानकारी जुटाने और प्राप्त सूचनाओं की पुष्टि की जा रही है.


