थरूर बनेंगे PM मोदी की 'Team India' का ट्रंप कार्ड – पाकिस्तान को बेनकाब करने में क्या होगी उनकी भूमिका?

PM मोदी ने ऐसा कदम उठाया है जिसने सबको चौंका दिया है — अपने खास मिशन 'पाकिस्तान को बेनकाब करो' में उन्होंने विरोधी नेताओं को भी शामिल कर लिया है. शशि थरूर जैसे दिग्गज नेता को टीम में लेना कोई छोटी बात नहीं है. अब सवाल ये है — क्या ये चाल कूटनीतिक मास्टरस्ट्रोक है? थरूर की भूमिका क्या होगी? पूरी खबर पढ़कर जानिए, कैसे मोदी सरकार का ये नया दांव पाकिस्तान की नींद उड़ा सकता है...

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Edited By: Aprajita

Modi Team India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर अपने चौंकाने वाले फैसले के लिए चर्चा में हैं. इस बार उन्होंने अपनी 'टीम इंडिया' में एक ऐसे नेता को शामिल किया है, जो न सिर्फ कांग्रेस के कद्दावर नेता हैं बल्कि लंबे समय से सरकार के आलोचक भी रहे हैं. बात हो रही है शशि थरूर की जिन्हें मोदी सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ बन रही अंतरराष्ट्रीय रणनीति में बड़ी भूमिका सौंपी है.

क्या है मोदी सरकार का ‘पाकिस्तान बेनकाब प्लान’?

हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारतीय सेना ने पाकिस्तान में छिपे आतंकियों पर बड़ा हमला किया और 100 से ज्यादा आतंकियों को ढेर कर दिया. अब भारत अगला कदम उठाने जा रहा है – पाकिस्तान को दुनिया के सामने पूरी तरह एक्सपोज करना. इसके लिए मोदी सरकार ने एक बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल (multi-party delegation) तैयार किया है, जो दुनिया भर के देशों में जाकर पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क की पोल खोलेगा.

टीम में क्यों शामिल किए गए शशि थरूर?

शशि थरूर ने संयुक्त राष्ट्र में कई वर्षों तक काम किया है और साल 2006 में वे महासचिव पद के लिए दावेदार भी रहे थे. उन्हें दुनियाभर के नेताओं, नीतियों और राजनयिक तौर-तरीकों की गहरी समझ है. ऐसे में पाकिस्तान को इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर बेनकाब करने में उनकी भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है.

खास बात यह है कि थरूर कई बार पीएम मोदी की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की सराहना कर चुके हैं. इतना ही नहीं, ऑपरेशन सिंदूर के तुरंत बाद थरूर ने भारत का पक्ष मीडिया में मजबूती से रखा था. ऐसे में उन्हें प्रतिनिधिमंडल में शामिल करना एक सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है.

सिर्फ भाजपा नहीं, विपक्ष भी इस मिशन में साथ

इस डेलीगेशन में बीजेपी नेताओं के साथ-साथ AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस के शशि थरूर जैसे नेता भी हैं. यानी मिशन सिर्फ सत्ताधारी पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश की छवि को मज़बूत करने का है. मोदी सरकार का यह कदम दर्शाता है कि वह राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर सोच रही है.

अब सबकी नजर इस बात पर है कि थरूर और अन्य नेता विदेशों में जाकर किस तरह से भारत का पक्ष रखते हैं और पाकिस्तान के झूठ को उजागर करते हैं. यह मोदी सरकार की एक अनोखी पहल है, जिसमें विपक्ष को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है.

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