आम आदमी पार्टी अकेले लड़ेगी बीएमसी चुनाव, 27 सीटों पर उम्मीदवारों की लिस्ट जारी
आम आदमी पार्टी (AAP) ने मुंबई BMC चुनाव में अपने दम पर लड़ने का ऐलान किया है, सभी 227 वार्डों में उम्मीदवार उतारे जाएंगे. पार्टी ने शहर की बिगड़ती हालत, भ्रष्टाचार और पर्यावरण संकट को मुद्दा बनाया और सुधार का वादा किया.

मुंबईः आम आदमी पार्टी (AAP) ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह आगामी बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव अपने दम पर लड़ेगी और किसी भी राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा नहीं होगी. पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह सभी 227 वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारेगी. पार्टी ने आरोप लगाया कि मुंबई की वर्तमान हालत बहुत खराब है और शहर को भ्रष्ट और अयोग्य नेतृत्व से निजात पाने के लिए एक नई, युवा और राष्ट्रीय पार्टी की आवश्यकता है. इस अवसर पर पार्टी ने 21 उम्मीदवारों की पहली सूची भी जारी की.
मुंबई की बिगड़ती हालत पर पार्टी की नजर
AAP ने दावा किया कि भारत के प्रमुख शहर होने के बावजूद मुंबई में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. बीएमसी का वार्षिक बजट 74,447 करोड़ रुपये है, जो एशिया में सबसे अधिक है. बावजूद इसके, शहरवासियों को घटिया सार्वजनिक सेवाएं मिलती हैं. पार्टी ने कहा कि बीएमसी भ्रष्टाचार और अयोग्यता का अड्डा बन चुकी है. शहर के स्कूल बंद हो रहे हैं, शिक्षा की गुणवत्ता गिर रही है, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेहद कम हैं और अस्पतालों पर अत्यधिक दबाव है. इसके अलावा, BEST की बस सेवा घटाई जा रही है और कचरा निस्तारण की व्यवस्था पूरी तरह से विफल है.
The first list of @AamAadmiParty candidates for Mumbai's BMC elections is out!
Congratulations to all the candidates! pic.twitter.com/pK27HdFZqj — AAP Mumbai (@AAPMumbai) December 19, 2025
पर्यावरण और प्रदूषण का मुद्दा
AAP ने पर्यावरण और प्रदूषण का मुद्दा भी उठाया. पार्टी ने कहा कि पेड़ों की संख्या लगातार घट रही है, जिससे हवा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है. AQI का स्तर दिल्ली के बराबर खराब हो गया है, जबकि मुंबई समुद्र के किनारे स्थित है. शहर बिना ट्रीट किए हुए सीवेज सीधे समुद्र में छोड़ा जा रहा है, जो स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर खतरा है.
वित्तीय स्थिति पर आरोप
पार्टी ने आरोप लगाया कि बीएमसी पिछले चार वर्षों से बिना जन-प्रतिनिधित्व के संचालित हो रही है. शहर की 90 हजार करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट तेजी से घट गई है. AAP का कहना है कि यह अराजक राजनीतिक व्यवस्थाओं के कारण मुंबईकरों पर अनावश्यक दबाव और कठिनाई उत्पन्न हुई है. पार्टी ने कहा कि हर राजनीतिक दल ने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए शहर को लूटा है और जनहित की अनदेखी की है.
AAP को समाधान के रूप में पेश किया
AAP ने कहा कि वह सिर्फ विकल्प नहीं बल्कि समाधान है. पार्टी ने दावा किया कि वह मुंबई को भ्रष्टाचार और अयोग्यता से मुक्त कर सकती है, जैसा उसने दिल्ली और पंजाब में अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान के नेतृत्व में किया. वहां पार्टी ने बिना कर्ज और भ्रष्टाचार के शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी और बिजली जैसी सुविधाएं सुनिश्चित कीं. पार्टी ने कहा कि बीएमसी में सुधार के लिए शहर को ‘झाड़ू’ की आवश्यकता है.
पिछला प्रदर्शन
AAP ने कहा कि उसके सात नगरसेवक होंगे और सभी स्थायी समितियों (सुधार, स्वास्थ्य, शिक्षा और बीएसटी) में पार्टी का प्रतिनिधित्व होगा. पार्टी ने याद दिलाया कि 2014 के लोकसभा चुनाव में उसे 5.16% वोट शेयर और 2,73,000 से अधिक वोट मिले थे. इस बार पार्टी पूरे 227 वार्डों में अपने दम पर चुनाव लड़ेगी और बेहतर प्रदर्शन करने का दावा किया.
चुनाव की तारीखें
महाराष्ट्र में मुंबई समेत 29 नगर निकायों के लिए चुनाव 15 जनवरी को होंगे, जबकि मतों की गिनती 16 जनवरी को की जाएगी. इन नगर निकायों में कुल 2,869 सीटों पर मतदान होगा, जिनमें बीएमसी की 227 सीटें भी शामिल हैं.


