विधानसभा चुनाव से पहले TMC का अनोखा दांव, विधवा महिला की कहानी के जरिए गिनाई उपलब्धियां

पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले टीएमसी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित 55 मिनट की डॉक्यूमेंट्री ‘लोक्खी एलो घोरे’ लॉन्च की. फिल्म के जरिए सरकार की योजनाओं और केंद्र पर वित्तीय वंचना के आरोप को उजागर किया गया.

Shraddha Mishra

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अपनी सामाजिक कल्याण योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए एक नई पहल की है. पार्टी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्रमुख योजनाओं पर आधारित 55 मिनट की डॉक्यूमेंट्री 'लोक्खी एलो घोरे' का अनावरण किया. फिल्म का प्रीमियर बुधवार रात को नंदन में हुआ, जिसमें टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी, अन्य पार्टी सांसद, मंत्री और तमिलनाडु फिल्म उद्योग की कुछ प्रसिद्ध हस्तियां मौजूद थीं.

डॉक्यूमेंट्री की कहानी और उद्देश्य

यह डॉक्यूमेंट्री ग्रामीण बंगाल की एक युवती की कहानी पर आधारित है, जिसने कम उम्र में अपने पति को खो दिया. विधवा का किरदार सुभाश्री गांगुली ने निभाया है. कहानी में दिखाया गया है कि विधवा महिला को समाज में अपनाई जाने वाली पितृसत्तात्मक रूढ़ियों, गरीबी और परिवार के भीतर मिलने वाले अपमान का सामना करना पड़ता है.

फिल्म का संदेश यह है कि राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं ने इस महिला की जिंदगी में बदलाव लाया. डॉक्यूमेंट्री में लक्ष्मी भंडार, खाद्य साथी, कृषक बंधु, स्वयं सहायता समूहों के ऋण, कन्याश्री, स्वास्थ्य साथी और बंगालार बाड़ी जैसी योजनाओं का जिक्र है. ये योजनाएं महिला को रोजमर्रा की जिंदगी में वित्तीय, स्वास्थ्य और सामाजिक मदद मुहैया कराती हैं.

 केंद्र सरकार पर लगाया वित्तीय वंचना का आरोप

डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह फिल्म सिर्फ कुछ योजनाओं को उजागर करती है, जबकि राज्य में और भी कई कल्याणकारी पहलें चल रही हैं. उन्होंने केंद्र सरकार पर वित्तीय वंचना का आरोप लगाया और बताया कि बंगाल के लिए केंद्र सरकार के लगभग दो लाख करोड़ रुपये बकाया हैं. इसके बावजूद, उनकी सरकार ने बिना रुके इन योजनाओं को लागू किया और लोगों को फायदा पहुंचाया.

मात्र 15 दिनों में बनी डॉक्यूमेंट्री 

फिल्मकार और बैरकपुर के विधायक राज चक्रवर्ती ने बताया कि इस डॉक्यूमेंट्री को मात्र 15 दिनों में पूरा किया गया. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने व्यक्तिगत रूप से पटकथा और कहानी पर विशेष ध्यान दिया. डॉक्यूमेंट्री का उद्देश्य जनता को दिखाना है कि टीएमसी की योजनाएं सीधे उनकी जिंदगी में बदलाव ला सकती हैं, अब इसे चुनावी अभियान के तहत गांव और मोहल्लों में लोगों को दिखाई जाएगा, ताकि आम जनता तक इन पहलों का संदेश पहुंच सके.

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