मैं पूरी ईमानदारी के साथ कह...केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने पद छोड़ने की जताई इच्छा, बोले- मेरे जगह इस शख्स को मंत्री बनाना चाहिए

केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने अपने पद से हटने की इच्छा जताई और राज्यसभा सांसद सी. सदानंदन मास्टर को अपने स्थान पर मंत्री बनाए जाने की सिफारिश की. उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी मंत्री बनने की लालसा नहीं की थी और अब सदानंदन को मौका मिलना चाहिए. गोपी ने यह भी बताया कि मंत्री बनने के बाद उनकी आय में भारी गिरावट आई है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

Suresh Gopi Resignation News : केंद्रीय पेट्रोलियम और पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने रविवार को चौंकाने वाला बयान दिया, जिसमें उन्होंने अपने मंत्री पद से इस्तीफा देने की इच्छा व्यक्त की. उन्होंने कहा कि उनकी जगह पर बीजेपी के नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद सी. सदानंदन मास्टर को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना चाहिए. यह बयान उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दिया, जिसमें सदानंदन स्वयं भी मौजूद थे.

सदानंदन मास्टर के लिए की खुली सिफारिश

बता दें कि सुरेश गोपी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा कि सदानंदन मास्टर को मंत्री बनाए जाने से केरल की राजनीति में नया अध्याय शुरू होगा. उन्होंने यह भी कहा कि वे पूरी ईमानदारी के साथ मानते हैं कि उन्हें पद से हटाकर सदानंदन को मंत्री बनाया जाना चाहिए, क्योंकि सदानंदन का नामांकन उत्तर केरल के कन्नूर जिले के लिए ऐतिहासिक कदम है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह प्रार्थना करते हैं कि सदानंदन जल्द से जल्द केंद्रीय मंत्री बनें.

मंत्री बनने की मंशा नहीं थी, सुरेश गोपी
गोपी ने कहा कि उन्होंने कभी भी मंत्री बनने की ख्वाहिश नहीं रखी थी. उन्होंने अपने पुराने जीवन और करियर को याद करते हुए बताया कि उन्होंने फिल्मों का करियर छोड़कर राजनीति में कदम रखा, लेकिन यह सोचकर नहीं कि वे मंत्री बनेंगे. उनका कहना था कि जनता के जनादेश और पार्टी नेतृत्व के सम्मान के रूप में उन्हें मंत्री बनाया गया, लेकिन उनकी प्राथमिकता जनसेवा और ईमानदारी रही है.

मंत्री बनने के बाद उनकी आय में भारी गिरावट
सुरेश गोपी ने अपने बयान में यह भी खुलासा किया कि मंत्री बनने के बाद उनकी आय में भारी गिरावट आई है. उन्होंने कहा कि यह निर्णय भी उनके समर्पण और सेवा भावना को दर्शाता है. हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आर्थिक नुकसान के बावजूद, वे पार्टी और जनसेवा के लिए काम करना जारी रखेंगे.

राजनीतिक संकेत और संभावनाएं
गोपी का यह बयान केरल की राजनीति और बीजेपी की रणनीति के लिहाज़ से गंभीर संकेत दे रहा है. यह भी माना जा रहा है कि सुरेश गोपी का यह कदम पार्टी के भीतर आंतरिक तालमेल और नेतृत्व संतुलन का हिस्सा हो सकता है. सदानंदन मास्टर को आगे लाने की यह सिफारिश पार्टी की क्षेत्रीय मजबूती और वरिष्ठ नेताओं के प्रति सम्मान को भी दर्शाती है.

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