Ram Mandir: रामलला के गर्भगृह को 81 कलश पानी से धोया गया, बिहार, नेपाल समेत इन जगहों से लाया गया था जल

Ram Mandir: अयोध्या में रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा के पूजन के लिए कोलकाता, महाराष्ट्र, तमिलनाडु समेत देश- विदेशों से 2500 क्विंटल फूलों को मंगवाया गया है.

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Edited By: Rupa Kumari

हाइलाइट

  • रामलला की पुरानी मूर्ति के दर्शन पर भी फिलहाल रोक लगा दिया गया है.
  • रामलला की मूर्ति का बीते दिन स्नापन नामक अनुष्ठान करवाया गया था.

 Ram Mandir: अयोध्या में राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा में केवल 48 घंटे का वक्त रह गया है. जिसको लेकर रामलला की 51 इंच की मूर्ति को बीते दिन यानी शुक्रवार से लेकर शनिवार तक कई प्रकार के अनुष्ठानों से होकर गुजरना पड़ा है. अनुष्ठान कराने वाले आचार्यों का कहना है कि, मूर्ति की आंखों पर अभी कपड़े की पट्टी बंधी हुई है.

कुल 15 प्रतिनिधियों को यजमान बनाया जाएगा.

मिली जानकारी के मुताबिक रामलला की मूर्ति का बीते दिन स्नापन नामक अनुष्ठान करवाया गया था. यह प्रक्रिया पूरे तीन घंटे तक चली, जिस दौरान गर्भगृह को 81 कलश पानी से धोया गया. जबकि जल को बिहार, मां जानकी का मायका जनकपुर नेपाल सहित कई धार्मिक स्थानों और नदियों से लाया गया था. इन सारे कलशों को गाय का मूत्र और फलों का रस डालकर सुशोभित किया गया था.

पुरानी मूर्ति दर्शन पर लगा रोक

दरअसल रामलला की पुरानी मूर्ति के दर्शन पर भी फिलहाल रोक लगा दिया गया है. मंदिर के पुजारी का कहना है कि, रविवार की शाम में पुरानी मूर्ति को रामलला की नई प्रतिमा के साथ गर्भगृह में रखा जाएगा. इसके बाद आने वाले 23 जनवरी से दोबारा इन के दर्शन करने को मिलेंगे.

स्नापन अनुष्ठानों की सामग्री

आपको बता दें कि, स्नापन अनुष्ठानों में पुष्पाधिवास, फलाधिवास, शकराधिवास का उपयोग किया गया था. इस अनुष्ठान के दौरान मूर्ति को चीनी व मिष्ठान का भोग लगाया जाता है. वहीं इस पूजा की शुरुआत बीते शुक्रवार से हुई थी. हवन का कार्य मंदिर से 100 मीटर दूर बीते दिन देर शाम तक जारी था. इतना ही नहीं रामलला के पूजा- अर्चना के लिए कोलकाता, महाराष्ट्र, तमिलनाडु समेत देश- विदेशों से 2500 क्विंटल फूलों को मंगवाया गया है. जिसमें गुलाब के फूल, कमल के फूल, चमेली सहित और अन्य फूल भी शामिल हैं.

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