UP Egg Rule: अब हर अंडे पर अनिवार्य होगी एक्सपायरी डेट, 1 अप्रैल से लागू होगा नया नियम
उत्तर प्रदेश में अब अंडों की गुणवत्ता को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है. 1 अप्रैल से हर अंडे पर एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्य होगा, जिससे उपभोक्ता खुद ताजगी की पहचान कर सकेंगे.

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश सरकार ने खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अंडा कारोबार से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है. राज्य में अब बिना एक्सपायरी डेट के अंडे बेचना संभव नहीं होगा, क्योंकि हर अंडे पर उसकी समाप्ति तिथि लिखना अनिवार्य कर दिया गया है.
सरकार का मानना है कि इस फैसले से उपभोक्ताओं को ताजे और सुरक्षित अंडों की पहचान करने में आसानी होगी. 1 अप्रैल से लागू होने वाले इस नियम के तहत अंडा उत्पादकों, व्यापारियों और दुकानदारों को सख्ती से इसका पालन करना होगा.
अंडों पर एक्सपायरी के साथ पैकिंग डेट भी जरूरी
पशुपालन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अंडों पर केवल एक्सपायरी डेट ही नहीं, बल्कि पैकिंग की तारीख भी दर्ज करनी होगी. विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने बताया कि नियम न मानने की स्थिति में अंडों को नष्ट किया जा सकता है या उन पर "मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त" (Not Fit For Human Consumption) का लेबल लगाया जाएगा.
नियम उल्लंघन पर सख्त सजा
विभाग ने चेतावनी दी है कि जो व्यापारी या किसान इस नियम का पालन नहीं करेंगे, उन्हें कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. ऐसे अंडों को बाजार से हटाकर नष्ट करने की भी कार्रवाई की जा सकती है.
अधिकारियों ने सभी संबंधित पक्षों को समय रहते तैयारी करने और नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
अंडों की सुरक्षित अवधि कितनी?
एक अध्ययन के अनुसार, सामान्य तापमान (करीब 30 डिग्री सेल्सियस) पर रखे गए अंडे लगभग दो सप्ताह तक सुरक्षित रहते हैं. वहीं, 2 से 8 डिग्री सेल्सियस के तापमान में रखने पर इन्हें करीब पांच सप्ताह तक उपयोग किया जा सकता है.
यह दर्शाता है कि अंडों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सही तापमान पर स्टोरेज बेहद आवश्यक है.
स्टोरेज को लेकर बनी हुई हैं दिक्कतें
खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार, अंडों को सब्जियों के साथ कोल्ड स्टोरेज में नहीं रखा जाना चाहिए, क्योंकि दोनों के लिए अलग-अलग तापमान जरूरी होता है. लेकिन देश में इस तरह की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं.
उत्तर प्रदेश में भी फिलहाल केवल आगरा और झांसी में ही सीमित कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं मौजूद हैं, जिससे छोटे व्यापारियों को इस नियम का पालन करने में कठिनाई आ सकती है.
उपभोक्ताओं को जागरूक करना मुख्य लक्ष्य
अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने कहा कि पहले खाद्य सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा था और उपभोक्ता भी इस बारे में जागरूक नहीं थे. उन्होंने कहा, “यह पाया गया कि कई मामलों में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था. उपभोक्ता भी इस बारे में अनजान थे.”
सरकार का उद्देश्य इस नए नियम के जरिए उपभोक्ताओं को ताजे अंडों की जानकारी देना और खाद्य पारदर्शिता को बढ़ावा देना है.


