यूपी पुलिस का बड़ा ऑपरेशन, 18 दिन में 88 हजार गुमशुदा लोग मिले
उत्तर प्रदेश पुलिस ने गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश में बड़ा अभियान चलाकर महज 18 दिनों में 88,022 लोगों को खोज निकाला. डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देश पर शुरू हुए इस विशेष ऑपरेशन ने पुलिस रिकॉर्ड अपडेट करने और परिवारों से सीधा संपर्क स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस ने गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के लिए चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है. महज 18 दिनों के भीतर राज्यभर से 88,022 लापता लोगों को खोज निकाला गया. यह अभियान पहली फरवरी से शुरू किया गया था और इसे व्यापक स्तर पर जिलों में लागू किया गया.
डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देश पर शुरू हुए इस अभियान के तहत 1,08,372 गुमशुदा व्यक्तियों को ढूंढ़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. ये सभी व्यक्ति 1 जनवरी 2024 से 18 जनवरी 2026 के बीच लापता हुए थे और उनके परिजनों ने संबंधित थानों में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
रिकॉर्ड की भौतिक जांच में चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस द्वारा विभिन्न थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों की भौतिक सत्यापन प्रक्रिया के दौरान यह सामने आया कि बड़ी संख्या में लोग अपने घर लौट चुके थे. हालांकि, उनके परिवारों ने वापसी की सूचना पुलिस को नहीं दी थी. परिणामस्वरूप, पुलिस रिकॉर्ड में वे अब भी लापता दर्ज थे.
जिला और थाना स्तर पर बनीं विशेष टीमें
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिला और थाना स्तर पर विशेष टीमों का गठन किया गया. इन टीमों ने गुमशुदा व्यक्तियों के परिजनों से सीधे संपर्क स्थापित किया और संभावित स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया.
CCTNS सिस्टम को किया गया अपडेट
गुमशुदा व्यक्तियों के मामलों को लेकर क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) को भी अपडेट किया गया है. डीजीपी ने निर्देश दिए हैं कि गुमशुदगी की सूचना मिलते ही तत्काल जांच शुरू की जाए.
साथ ही प्रत्येक माह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक या पुलिस उपायुक्त द्वारा गुमशुदा व्यक्तियों और बच्चों की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं.
मानव तस्करी के मामलों पर विशेष नजर
विवेचना के दौरान यदि मानव तस्करी से जुड़े साक्ष्य सामने आते हैं तो संबंधित प्रकरण को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं.
इसके अतिरिक्त, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा विकसित मिशन वात्सल्य पोर्टल पर गुमशुदा बच्चों का पूरा विवरण अपलोड करने को अनिवार्य किया गया है, ताकि समन्वित प्रयासों से बच्चों की शीघ्र बरामदगी सुनिश्चित की जा सके.
'यक्ष' एप से मिलेगी त्वरित सूचना
पुलिस द्वारा विकसित 'यक्ष' एप्लीकेशन के माध्यम से गुमशुदा व्यक्तियों और बच्चों की जानकारी संबंधित बीट कर्मियों को उपलब्ध कराई जाएगी. इससे त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी और खोज अभियान को गति मिलेगी.
नियमित समीक्षा की व्यवस्था
पुलिस महानिरीक्षक, उपमहानिरीक्षक और कमिश्नरेट में संयुक्त एवं अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रत्येक तीन माह में अभियान के तहत की गई कार्रवाई की समीक्षा करेंगे. वहीं, जोनल अपर पुलिस महानिदेशक और पुलिस आयुक्त समय-समय पर गुमशुदा व्यक्तियों एवं बच्चों के मामलों की निगरानी करेंगे.


