ग्राइंडर से टुकड़े-टुकड़े किया पति का शरीर, जांच में खुलासा, यह कोई अचानक जुर्म नहीं बल्कि ठंडे दिमाग का था परफेक्ट क्राइम 

उत्तर प्रदेश से सामने आया यह सनसनीखेज हत्या मामला बताता है कि शादी के भीतर छिपा धोखा कैसे जानलेवा बन गया, जहां एक महिला और उसके प्रेमी ने बेरहमी से हत्या कर सबूत मिटाने की कोशिश की।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

यह खौफनाक मामला उत्तर प्रदेश के चंदौसी से सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर कथित तौर पर अपने पति की हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक यह अपराध पूरी योजना के साथ किया गया। आरोपी महिला रूबी अपने पति राहुल के साथ रहती थी, जिसकी उम्र अड़तीस साल थी। बाहर से घर सामान्य दिखता था। लेकिन घर के अंदर अवैध संबंध चल रहे थे। जब पति को इस रिश्ते की जानकारी हुई, तो हालात बेकाबू हो गए। पुलिस का कहना है कि गुस्से और डर ने मिलकर हत्या की राह खोल दी। यह मामला पुलिस अधिकारियों को भी हिला देने वाला है।

पहले गुमशुदगी की रिपोर्ट क्यों दर्ज कराई गई?

अठारह नवंबर को रूबी खुद थाने पहुंची और अपने पति राहुल की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने कहा कि राहुल अचानक लापता हो गए हैं और फोन भी नहीं उठा रहे। इस कदम से शुरुआत में उस पर शक नहीं हुआ। पुलिस ने सामान्य खोजबीन शुरू की। इसी बीच राहुल का मोबाइल फोन उसी दिन से बंद मिला। बाद में जांच में सामने आया कि यह शिकायत एक सोची-समझी चाल थी। इसका मकसद समय हासिल करना और जांच को भटकाना था। उस वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि सच्चाई इतनी भयानक होगी।

नाले से क्या बरामद हुआ?

पंद्रह दिसंबर को पुलिस ने ईदगाह इलाके के पास एक नाले से क्षत-विक्षत शव बरामद किया। शव का सिर, हाथ और पैर गायब थे। इस बरामदगी से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। जांच के दौरान शव पर “राहुल” नाम लिखा मिला। इससे शव को गुमशुदगी के मामले से जोड़ा गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। फोरेंसिक टीम ने डीएनए सैंपल लिए। शव की हालत साफ बता रही थी कि यह हत्या बेहद बेरहमी से की गई थी।

पत्नी पर शक कैसे गया?

जैसे ही गुमशुदगी और शव की कड़ी जुड़ी, पुलिस का शक रूबी पर गहराने लगा। कॉल डिटेल और तकनीकी जांच में कई सवाल खड़े हुए। पूछताछ के दौरान रूबी टूट गई। उसने कबूल किया कि राहुल ने उसे उसके प्रेमी गौरव के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया था। पुलिस के अनुसार, बदनामी और झगड़े के डर से हत्या की साजिश रची गई। जांच अधिकारियों का कहना है कि कबूलनामा और सबूत आपस में मेल खाते हैं। यहीं से मामला गुमशुदगी से हत्या में बदल गया।

हत्या को कैसे अंजाम दिया गया?

पुलिस के मुताबिक रूबी और गौरव ने राहुल पर लोहे की रॉड और भारी मूसल से हमला किया। वार इतने जोरदार थे कि राहुल की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए ग्राइंडर लाया गया। उसी से शव के कई टुकड़े किए गए। शरीर का एक हिस्सा नाले में फेंका गया। बाकी हिस्सों को राजघाट ले जाकर गंगा नदी में बहा दिया गया। पुलिस ने इस कृत्य को बेहद अमानवीय और डरावना बताया है। यह साफ दिखाता है कि अपराध पूरी तैयारी के साथ किया गया था।

पुलिस को क्या सबूत मिले हैं?

जांच के दौरान पुलिस ने शव काटने में इस्तेमाल किया गया ग्राइंडर बरामद किया। हमले में इस्तेमाल लोहे के औजार भी जब्त किए गए। इन पर खून के निशान और फोरेंसिक सबूत मिले हैं। मृतक के डीएनए सैंपल सुरक्षित रखे गए हैं। इन्हें राहुल के बच्चों के डीएनए से मिलाया जाएगा। इससे पहचान कानूनी रूप से पुख्ता होगी। पुलिस का कहना है कि सबूतों की कड़ी मजबूत है। हर बरामदगी आरोपों की पुष्टि करती है।

अब तक क्या कार्रवाई हुई है?

पुलिस अधीक्षक के अनुसार दोनों आरोपियों को बीस दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। हत्या और सबूत मिटाने से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस वारदात में कोई और शामिल था। यह मामला स्थानीय लोगों को झकझोर देने वाला है। पुलिस का कहना है कि यह घटना दिखाती है कि बेकाबू रिश्ते और गुस्सा कैसे एक परिवार को तबाह कर सकते हैं।

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