बाबरी मस्जिद बनाएंगे, रोक सके तो रोक लो...CM योगी के बयान पर हुमायूं कबीर का पलटवार
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बाबरी मस्जिद की विरासत को लेकर देश की सियासत फिर से तेज हो गई है. हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कड़ी चुनौती देते हुए मुर्शिदाबाद में बाबरी की नकल वाली मस्जिद बनाने का एलान किया है.

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही राज्य की सियासी फिजां में बाबरी मस्जिद का संवेदनशील मुद्दा एक बार फिर पूरी ताकत के साथ गर्मा गया है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हाल ही में दिए गए 'कयामत' वाले बयान के बाद बंगाल के नेता हुमायूं कबीर ने सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया है. कबीर ने न केवल योगी की बातों पर पलटवार किया है, बल्कि मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की हूबहू नकल बनाने का दृढ़ संकल्प भी दोहराया है.
हुमायूं कबीर की खुली चुनौती
आपको बता दें कि जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने सीएम योगी पर पलटवार करते हुए कहा कि यह लखनऊ या उत्तर प्रदेश नहीं, बल्कि ममता बनर्जी के शासन वाला बंगाल है. उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान हर नागरिक को अपनी आस्था के अनुसार धार्मिक स्थल बनाने की पूरी आजादी देता है. कबीर ने दृढ़ता के साथ कहा कि वे मुर्शिदाबाद की धरती पर बाबरी मस्जिद की नकल जरूर बनाएंगे और उन्हें रोकने की ताकत फिलहाल किसी भी विरोधी शक्ति या बाहरी दबाव में कतई नहीं है.
#WATCH | Murshidabad, West Bengal: On UP CM Yogi Adityanath's statement, former TMC leader and Jan Unnayan Party chief Humayun Kabir says, "...Let Yogi Adityanath speak. It is Mamata Banerjee who is the CM of Bengal. Constitution of India provides me the right to build a mosque;… https://t.co/Uc31T5GglP pic.twitter.com/KdOB2mdcYr
— ANI (@ANI) February 10, 2026
निर्माण कार्य का पूरा खाका
हुमायूं कबीर ने मस्जिद निर्माण की महत्वपूर्ण तारीखों का खुलासा करते हुए बताया कि 6 दिसंबर 2025 को बाबरी ढांचे के विध्वंस की बरसी पर इसकी नींव पहले ही रखी जा चुकी है. अब 11 फरवरी 2026 से इसका औपचारिक निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा. इस ऐतिहासिक अवसर पर लगभग 1200 लोग सामूहिक रूप से कुरान की आयतें पढ़ते हुए इस काम की शुरुआत करेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी सूरत में अपने इस बड़े फैसले से पीछे नहीं हटेंगे.
सीएम योगी का 'कयामत' वाला बयान
इससे पहले बाराबंकी में एक कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ ने बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण की सभी संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया था. उन्होंने बहुत ही कड़े शब्दों में कहा था कि जहां रामलला विराजमान हैं, वहां अब कयामत के दिन तक भी बाबरी ढांचा दोबारा कभी नहीं बन पाएगा. योगी ने मंदिर निर्माण को 500 वर्षों के लंबे संघर्ष की ऐतिहासिक जीत बताया और उन लोगों पर तंज कसा जो आज भी पुराने ढांचे की वापसी के असंभव सपने देख रहे हैं.
रामद्रोहियों और अवसरवाद पर प्रहार
मुख्यमंत्री योगी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्हें पूरी तरह अवसरवादी करार दिया. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को केवल संकट के समय ही प्रभु राम की याद आती है, जबकि बाकी समय वे उन्हें पूरी तरह भूल जाते हैं. योगी के अनुसार, भगवान राम अब ऐसे अवसरवादियों को भूल चुके हैं और उनकी नैया अब कभी पार नहीं होने वाली. उन्होंने स्पष्ट किया कि रामद्रोहियों के लिए अब इस नए भारत की पावन धरती पर कोई सम्मानजनक स्थान या जगह बिल्कुल भी नहीं बची है.
बंगाल चुनाव और बढ़ता ध्रुवीकर
जैसे-जैसे बंगाल चुनाव की तारीखें नजदीक आ रही हैं, मंदिर-मस्जिद की यह तीखी बहस राजनीतिक ध्रुवीकरण को और अधिक तेज कर रही है. हुमायूं कबीर की खुली चुनौती और योगी आदित्यनाथ का दृढ़ रुख इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में यह विवाद चुनावी रैलियों के केंद्र में रहेगा. जहां एक तरफ हिंदू गौरव की बात हो रही है, वहीं दूसरी तरफ संवैधानिक अधिकारों की दुहाई देकर नई मस्जिद बनाने की जिद ने राज्य के माहौल को पूरी तरह से गर्मा दिया है.


