जनकपुरी के बाद अब दिल्ली के इस एरिया में मैनहोल में गिरा शख्स, हुई मौत
दिल्ली में खुले गड्ढों-नालों से खतरा बढ़ा. जनकपुरी में 6 फरवरी को 25 वर्षीय युवक गड्ढे में गिरकर मारा गया. चार दिन बाद रोहिणी सेक्टर 32 में युवक खुले नाले में गिरा, बचाव अभियान जारी लेकिन अभी तक नहीं मिला. स्थानीय शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं, जांच चल रही है.

नई दिल्ली: दिल्ली में खुले गड्ढों और नालों के कारण लगातार हो रही मौतें अब एक गंभीर समस्या बन गई हैं. जनकपुरी में पिछले शुक्रवार को एक युवक के खुले गड्ढे में गिरकर मौत के महज चार दिन बाद अब रोहिणी में एक और युवक खुले नाले में गिर गया. बचाव दल और पुलिस अभी भी लापता युवक की तलाश में जुटे हैं, लेकिन उम्मीद कम होती जा रही है.
रोहिणी में नाले में गिरने की घटना
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रोहिणी सेक्टर 32 में महाशक्ति काली मंदिर के पास शाम करीब 7.45 बजे एक युवक खुले नाले में गिर गया. बेगमपुर थाना क्षेत्र में हुई इस घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची. बचाव अभियान शुरू किया गया है. अधिकारी ने बताया कि टीमें लगातार काम कर रही हैं, लेकिन नाले की गहराई और पानी की तेज धारा के कारण ऑपरेशन मुश्किल हो रहा है. अभी तक युवक का पता नहीं चला है.
यह घटना उस समय हुई जब दिल्ली में सर्दी के मौसम में भी कई जगहों पर नाले और गड्ढे खुले पड़े हैं. स्थानीय लोग लंबे समय से शिकायत कर रहे हैं कि ठेकेदार काम पूरा किए बिना साइट छोड़ देते हैं, जिससे जान जोखिम में पड़ जाती है.
जनकपुरी की घटना का जिक्र
इससे पहले 6 फरवरी को पश्चिम दिल्ली के जनकपुरी में जोगिंदर सिंह मार्ग पर दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) द्वारा खोदे गए 20 फुट गहरे गड्ढे में 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी. युवक निजी बैंक में काम करता था और मोटरसाइकिल से जा रहा था. अंधेरे में गड्ढे का पता नहीं चला और वह सीधे गिर गया. पुलिस ने शव और मोटरसाइकिल बरामद की. भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
परिवार ने आरोप लगाया कि गड्ढे के आसपास कोई साइनेज या बैरिकेडिंग नहीं थी. स्थानीय लोगों ने बताया कि कई दिनों से यह गड्ढा खुला पड़ा था और बार-बार शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.
दिल्ली में बढ़ती लापरवाही की चिंता
दोनों घटनाएं दिल्ली में बुनियादी ढांचे की देखभाल और सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर करती हैं. सड़कों पर खुले गड्ढे, नाले और निर्माण स्थलों पर लापरवाही आम हो गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि ठेकेदारों पर सख्त निगरानी और तत्काल साइनेज-बैरिकेडिंग अनिवार्य होनी चाहिए.
पुलिस और प्रशासन ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है, लेकिन जनता सवाल उठा रही है कि कब तक ऐसी मौतें जारी रहेंगी. दिल्ली में सर्दियों में फॉग और अंधेरे के कारण खतरा और बढ़ जाता है. लोगों की मांग है कि नगर निगम और विभाग तुरंत संयुक्त अभियान चलाकर सभी खतरनाक स्थानों को सुरक्षित करें.


