कब और कितने बजे दस्तक देगा चक्रवात मोंथा? आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और तमिलनाडु में रेड अलर्ट, स्कूल बंद

IMD ने चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय गहरा दबाव क्षेत्र अगले 48 घंटों में गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ में बदल सकता है. आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और तमिलनाडु में रेड अलर्ट, स्कूल बंद और राहत कार्य जारी हैं. समुद्र में ऊंची लहरें और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व में बना गहरा दबाव क्षेत्र तेजी से सक्रिय हो रहा है और अगले 48 घंटों में यह एक गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का रूप ले सकता है. यह सिस्टम सोमवार (27 अक्टूबर 2025) तक दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में पूरी तरह विकसित होकर मंगलवार सुबह तक एक भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो जाएगा.

कई राज्यों में अलर्ट, सेना हुई तैयार

IMD की चेतावनी के बाद आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और तमिलनाडु समेत दक्षिणी भारत के कई तटीय राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है. भारतीय सेना और एनडीआरएफ की टीमें संभावित आपदा से निपटने के लिए तैयार हैं. मौसम विभाग ने बताया कि 28 अक्टूबर तक यह तूफान आंध्र प्रदेश के काकीनाडा तट के पास जमीन से टकरा सकता है.

इस दौरान हवाओं की रफ्तार 90 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ और बिजली के खंभे गिरने का खतरा रहेगा. समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तटीय इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं.

आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट

आंध्र प्रदेश सरकार ने अगले तीन दिनों (27, 28 और 29 अक्टूबर) के लिए रेड अलर्ट घोषित किया है. राज्य के सिविल सप्लाई मंत्री एन. मनोहर ने बताया कि सरकार ने व्यापक राहत कार्य योजना तैयार कर ली है. इस योजना में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के सामानों की अग्रिम व्यवस्था, ईंधन का भंडारण, राहत शिविरों में खाद्य सामग्री की आपूर्ति और तूफान के बाद सहायता वितरण जैसे उपाय शामिल हैं.

मनोहर ने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि लैंडफॉल से पहले सभी तैयारियां पूरी हों और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए राहत दल तैनात रहें.

ओडिशा में सभी 30 जिलों में अलर्ट, स्कूल बंद

ओडिशा सरकार ने राज्य के सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि “प्रशासन पूरी तरह तैयार है और राहतकर्मी तैनात कर दिए गए हैं.” तटीय और दक्षिणी जिलों में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं.

गजपति जिला कलेक्टर मधुमिता ने बताया कि गर्भवती महिलाओं और असुरक्षित घरों में रहने वाले लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है. राज्य के सभी आंगनवाड़ी केंद्र और स्कूल 30 अक्टूबर तक बंद रहेंगे. पुरी प्रशासन ने 27 से 29 अक्टूबर तक समुद्र तटों पर पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी है.

बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी

पश्चिम बंगाल में भी 28 से 31 अक्टूबर तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने मछुआरों को 28 से 30 अक्टूबर के बीच समुद्र में न जाने की सलाह दी है. जो मछुआरे पहले से समुद्र में हैं, उन्हें 27 अक्टूबर तक वापस लौटने को कहा गया है.

कोलकाता, दक्षिण 24 परगना, मेदिनीपुर, हावड़ा, झारग्राम और हुगली जिलों में 27 अक्टूबर से हल्की बारिश शुरू हो जाएगी, जबकि 28 से 31 अक्टूबर के बीच कई जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है.

अरब सागर में भी सक्रिय सिस्टम

इस बीच अरब सागर में भी एक और निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है, जो दक्षिण-पश्चिम दिशा में लगभग 13 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है. यह मुंबई से करीब 760 किमी और गोवा से 790 किमी दूर स्थित है. हालांकि यह सिस्टम भारतीय तटों पर कोई बड़ा खतरा नहीं पैदा करेगा, लेकिन मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है.

निचले इलाकों में खतरा

IMD ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों में समुद्री परिस्थितियां बहुत उबड़-खाबड़ हो सकती हैं. निचले तटीय इलाकों में जलभराव और पेड़ों के गिरने का खतरा रहेगा. प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने की अपील की है.

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