22 घंटे बाद क्यों रोका गया ऑपरेशन सिंदूर? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में बताई वजह

पहलगाम हमले के बाद लोकसभा में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि यह अभियान तीनों सेनाओं के तालमेल का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा, 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए और भारत ने पूरी ताकत से आत्मरक्षा का संदेश दिया.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर विशेष बहस की शुरुआत हुई. इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह ऑपरेशन भारतीय सेना की तीनों शाखाओं थलसेना, नौसेना और वायुसेना के समन्वय का शानदार उदाहरण है. उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य आतंक के ढांचों को खत्म करना था, न कि युद्ध छेड़ना.

रणनीति के तहत रोका गया ऑपरेशन

राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन को किसी अंतरराष्ट्रीय दबाव या राजनीतिक प्रभाव के चलते नहीं रोका गया. उन्होंने कहा कि यह एक सुनियोजित अभियान था, जो तभी रोका गया जब अपने सभी सैन्य उद्देश्य पूरे कर लिए गए. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की अपील और DGMO स्तर की वार्ता के बाद ही कार्रवाई रोकने का फैसला लिया गया.

100 से अधिक आतंकी ढेर

रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता इस बात से सिद्ध होती है कि केवल 22 मिनट में सेना ने अपने सभी लक्ष्य पूरे कर लिए. इस दौरान 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया और उनके ठिकानों को तबाह कर दिया गया. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस अभियान को अंजाम देने से पहले व्यापक रणनीतिक विचार-विमर्श और मूल्यांकन किया गया था ताकि आम नागरिकों को कोई हानि न पहुंचे.

सिर्फ जवाब नहीं, संदेश भी

राजनाथ सिंह ने यह भी बताया कि यह केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह भारत की आतंकवाद के खिलाफ मजबूत नीति का संकेत था. इस ऑपरेशन ने दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत अपने आत्मरक्षा के अधिकार का उपयोग पूरी शक्ति के साथ कर सकता है.

'कितने विमान गिरे' नहीं, कितने गिराए?

रक्षा मंत्री ने विपक्ष की सोच पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि विपक्ष बार-बार यह पूछता रहा कि भारत के कितने विमान गिरे, लेकिन उन्होंने कभी यह सवाल नहीं किया कि हमारे जवानों ने कितने दुश्मन विमानों को मार गिराया. उन्होंने इसे जनभावनाओं के खिलाफ बताया और कहा कि असली सवाल यह होना चाहिए कि ऑपरेशन सफल रहा या नहीं – और इसका जवाब है: हां, पूरी तरह.

छोटी बातों पर नहीं, परिणाम पर ध्यान दें

राजनाथ सिंह ने विपक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि जैसे परीक्षा में पेन या पेंसिल टूटने की चिंता नहीं की जाती, वैसे ही राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी छोटी बातों से ध्यान नहीं भटकना चाहिए. उन्होंने कहा कि असली मायने परिणाम में हैं, और ऑपरेशन सिंदूर का परिणाम यह है कि भारतीय सेनाएं पूरी तरह सफल रहीं.

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