भारत को आंख दिखाई तो निकाल...ट्रंप के टैरिफ पर बाबा रामदेव बोले- दिवाली पर दीये स्वदेशी होने चाहिए

Baba Ramdev: अमेरिका के टैरिफ नीति पर प्रतिक्रिया देते हुए बाबा रामदेव ने स्वदेशी अपनाने की अपील की है. उन्होंने दिवाली पर देशवासियों से भारत में बने उत्पादों का उपयोग करने को कहा और विदेशी आर्थिक दबावों का विरोध किया. रामदेव का मानना है कि यदि देशवासी पूरी तरह से स्वदेशी बनें तो भारत 2040 तक विकसित राष्ट्र बन सकता है और विदेशी शक्तियाँ भारत को आंख नहीं दिखा पाएंगी.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

Baba Ramdev: अमेरिका समेत कई देशों द्वारा भारत पर लगाए जा रहे टैरिफ को लेकर योगगुरु बाबा रामदेव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इसे ‘टैरिफ आतंकवाद’ करार दिया और कहा कि यह भारत की आर्थिक स्वतंत्रता को बाधित करने का प्रयास है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अब कोई कमजोर राष्ट्र नहीं है जिसे टैरिफ दबाव में झुकाया जा सके. रामदेव ने कहा कि आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बन चुका है, और ऐसे में हमें अपने बाजार को विदेशी ताकतों के हाथों लुटने के लिए नहीं छोड़ना चाहिए.

स्वदेशी को बनाएं जीवनशैली का हिस्सा

बाबा रामदेव ने देशवासियों से स्वदेशी वस्तुएं अपनाने की अपील करते हुए कहा कि विदेशी कंपनियां भारतीय बाजार को हड़पना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि यदि हम स्वदेशी को केवल एक विकल्प नहीं बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बना लें, तो भारत की अर्थव्यवस्था न केवल आत्मनिर्भर बनेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी मजबूती से खड़ी होगी. रामदेव के अनुसार, प्रधानमंत्री और सभी सांस्कृतिक-सामाजिक संगठनों की ओर से भी लगातार स्वदेशी को बढ़ावा देने का आह्वान किया जा रहा है.

दिवाली को बनाएं स्वदेशी पर्व
भारत के सबसे बड़े त्योहार दिवाली को लेकर रामदेव ने एक विशेष अपील की. उन्होंने कहा कि इस बार दीये से लेकर मिठाइयों और सजावटी वस्तुओं तक सब कुछ भारत में बना हुआ होना चाहिए. उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि हर भारतीय इस संकल्प के साथ आगे बढ़े कि वह केवल स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करेगा, तो कोई भी देश भारत को धमकाने की हिम्मत नहीं करेगा. रामदेव का यह बयान केवल भावनात्मक नहीं बल्कि व्यावसायिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है.

विदेशी शक्तियों को चेतावनी
बाबा रामदेव ने अपने बयान में अमेरिका समेत उन सभी देशों को भी चेतावनी दी जो भारत को टैरिफ के ज़रिए दबाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि “भारत को जो आँख दिखाएगा, उसकी आँख निकाल लेंगे.” यह बयान वैश्विक राजनीतिक परिदृश्य में भारत के बदलते रुख को भी दर्शाता है, जहाँ अब देश मजबूती के साथ अंतरराष्ट्रीय दबावों का मुकाबला कर रहा है. 

2040 तक विकसित भारत का सपना
बाबा रामदेव ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनने के लिए अब 2047 तक इंतज़ार करने की जरूरत नहीं है. यदि स्वदेशी आंदोलन को पूरे देश में अपनाया जाए, तो भारत 2040 तक ही विकसित राष्ट्र बन सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि आज स्वदेशी केवल एक भावना नहीं बल्कि एक आर्थिक और सामाजिक आंदोलन बन चुका है, जिसकी गूंज अब हर घर तक पहुँचनी चाहिए.

टैरिफ आतंकवाद का जवाब है स्वदेशी आंदोलन
बाबा रामदेव का यह बयान केवल एक विचारधारा नहीं, बल्कि एक रणनीतिक पहल है जो भारत को वैश्विक टैरिफ संकटों से उबार सकती है. भारत जैसे विशाल उपभोक्ता बाजार के लिए स्वदेशी को अपनाना न केवल आर्थिक मजबूती का आधार बनेगा, बल्कि यह देश की अस्मिता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी बनेगा.

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