पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम इलाके में पुलिस के साथ खूनी-मुठभेड़, 1 बच्ची समेत 12 लोगों की मौत
पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुए भीषण आत्मघाती धमाकों और पुलिस के साथ खूनी मुठभेड़ ने भारी तबाही मचाई है. इन हमलों में ग्यारह सुरक्षाकर्मियों और एक मासूम बच्ची सहित एक दर्जन से अधिक लोग शहीद हो गए हैं.

नई दिल्ली : पाकिस्तान का अशांत उत्तर-पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र एक बार फिर भीषण हिंसा और भीषण रक्तपात की चपेट में आ गया है. खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के विभिन्न जिलों में हुए श्रृंखलाबद्ध आत्मघाती धमाकों और पुलिस के साथ हुई आमने-सामने की मुठभेड़ ने सुरक्षा व्यवस्था की जर्जर हालत को उजागर कर दिया है. इन हमलों में सुरक्षा बलों को भारी जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा है, साथ ही निर्दोष नागरिक और बच्चे भी इसका शिकार हुए हैं. अशांत जिलों में मची इस तबाही ने पूरे देश को हिला दिया है.
बाजौर जिले में आत्मघाती हमला
दरअसल, मंगलवार को पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों ने पुष्टि की कि अशांत बाजौर जिले में हुए एक भीषण आत्मघाती हमले में 11 जांबाज सुरक्षाकर्मी और एक बच्ची की मौत हो गई. एक विस्फोटकों से पूरी तरह लदी हुई गाड़ी को सुरक्षा चेकपोस्ट की दिशा में ले जाया गया, जहां अचानक एक जोरदार धमाका हुआ. इस विस्फोट की मारक तीव्रता इतनी अधिक थी कि पास की एक पुरानी इमारत जमींदोज हो गई. मलबे में दबकर एक बच्ची की जान चली गई और सात अन्य लोग गंभीर घायल हुए.
धार्मिक कॉलेज और चेकपोस्ट पर निशाना
बता दें कि धमाकों का यह खूनी सिलसिला यहीं नहीं थमा. बाजौर जिले में ही एक अन्य आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटक लदे वाहन को एक स्थानीय धार्मिक कॉलेज की दीवार से जोरदार तरीके से टकरा दिया. सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, उस समय इमारत के भीतर मौजूद पुलिस और फ्रंटियर कोर के कई जवान इस भीषण आत्मघाती हमले में शहीद हो गए. अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चेकपोस्ट पर हुआ धमाका और कॉलेज के पास हुआ विस्फोट एक ही साजिश का हिस्सा थे या अलग-अलग हमले थे.
बन्नू पुलिस स्टेशन पर धमाका
खैबर पख्तूनख्वा के एक अन्य रणनीतिक रूप से संवेदनशील जिले बन्नू में भी सोमवार को भीषण आतंकी हमला हुआ. यहां एक प्रमुख पुलिस स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के पास खड़ी एक लावारिस मोटरसाइकिल में लगे विस्फोटकों में अचानक शक्तिशाली विस्फोट हो गया. इस हमले में दो आम नागरिकों की जान चली गई और कम से कम 17 लोग बुरी तरह घायल हो गए. अफगान सीमा के करीब स्थित होने के कारण बन्नू में सुरक्षा एजेंसियां हमेशा तैनात रहती हैं, फिर भी आतंकी हमला करने में सफल रहे.
शांगला में भीषण मुठभेड़
प्रांत के शांगला जिले में पुलिस के विशेष तलाशी अभियान के दौरान विद्रोहियों और सुरक्षा बलों के बीच सीधी और खूनी मुठभेड़ हुई. इस संघर्ष में तीन पुलिसकर्मी और तीन कुख्यात बागी लड़ाके मारे गए. पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, मारे गए विद्रोही चीनी नागरिकों को निशाना बनाने वाले पूर्व के कई घातक हमलों में सक्रिय रूप से शामिल थे. सुरक्षा बलों ने अब पूरे इलाके को घेर लिया है. यह घटना दिखाती है कि विद्रोही अब सीधे सुरक्षा बलों से खूनी लड़ाई लड़ रहे हैं.
हिंसा का बढ़ता ग्राफ और चुनौतियां
पाकिस्तान में सुरक्षा बलों पर होने वाले हमलों की संख्या साल 2021 के बाद से काफी ज्यादा बढ़ गई है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 के शुरुआती नौ महीनों में ही विभिन्न हमलों में 2,400 से अधिक लोगों की मौतें दर्ज की गई हैं. इस्लामाबाद प्रशासन इन हमलों के लिए मुख्य रूप से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को दोषी ठहराता है, जिसका मुख्य आधार अफगानिस्तान में बताया जाता है. बढ़ती हिंसा ने सरकार के सामने एक बड़ी सुरक्षा चुनौती खड़ी कर दी है, जिससे निपटना अनिवार्य है.


