अब इस देश पर हमले की फिराक में अमेरिका, जहां दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार!

अमेरिका ने वेनेजुएला तटों पर युद्धपोत और परमाणु पनडुब्बी तैनात कर तनाव बढ़ा दिया है, जबकि राष्ट्रपति मादुरो ने इसे घुसपैठ की असफल कोशिश बताया.

Simran Sachdeva

US may attack Venezuela: दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देश वेनेजुएला पर अमेरिका की सैन्य गतिविधियों ने वैश्विक मंच पर हलचल मचा दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के तटों की ओर नौसेना के युद्धपोत और परमाणु-संचालित फास्ट अटैक पनडुब्बी तैनात कर दी हैं. इस कदम के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या अमेरिका वेनेजुएला पर सैन्य हस्तक्षेप की तैयारी कर रहा है.

हालांकि, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने स्पष्ट किया है कि उनके देश में अमेरिका के घुसपैठ करना 'किसी भी तरह से संभव नहीं' है. निकोलस मादुरो ने अपने सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम कल की तुलना में ज्यादा मजबूत हैं. आज हम शांति, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए बेहतर तरीके से तैयार हैं.

अमेरिकी नौसैनिक तैनाती और परमाणु पनडुब्बी

अमेरिकी नौसेना के प्रमुख एडमिरल डेरिल क्लॉड ने पुष्टि की कि दक्षिण अमेरिकी तटों पर युद्धपोत तैनात किए गए हैं. एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, सात युद्धपोत और एक परमाणु पनडुब्बी पहले से या अगले हफ्ते वहां मौजूद होंगी. इनमें 4,500 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक भी शामिल हैं, जिनमें लगभग 2,200 मरीन शामिल हैं.

वेनेजुएला के संयुक्त राष्ट्र राजदूत सैमुअल मॉन्काडा ने इस तैनाती को 'बड़े पैमाने पर प्रचार अभियान' बताया. इसके साथ ही, कहा कि ये सैन्य हस्तक्षेप का बहाना है. उन्होंने कहा कि वेनेजुएला एक संप्रभु और स्वतंत्र देश है, जो किसी के लिए खतरा नहीं है.

वेनेजुएला की जवाबी तैयारियां

वेनेजुएला ने अपने तटों पर युद्धपोत और ड्रोन तैनात किए हैं. इसके अलावा, 15,000 सैनिकों को कोलंबिया सीमा पर तैनात किया गया है और हजारों मिलिशिया सदस्यों की भर्ती की जा रही है. निकोलस मादुरो ने कोलंबिया को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने सीमा पर 25,000 अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं ताकि 'नार्को-आतंकवादी गिरोहों' पर नकेल कसी जा सके.

अमेरिका बनाम मादुरो: ड्रग्स या तेल?

अमेरिका ने वेनेजुएला पर कोकेन तस्करी के आरोप लगाए हैं और ट्रंप प्रशासन ने कार्टेल डे लॉस सोल्स को आतंकवादी संगठन घोषित किया है. निकोलस मादुरो पर ड्रग्स की तस्करी और सत्ता परिवर्तन का आरोप लगाया गया है, जबकि अमेरिका ने उनकी गिरफ्तारी के लिए 50 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित किया है.

विश्लेषकों का मानना है कि असली मकसद वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार पर नियंत्रण स्थापित करना हो सकता है. वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है, जिसकी अनुमानित मात्रा 300 अरब बैरल से ज्यादा है.

तेल और भू-राजनीतिक महत्व

वेनेजुएला का तेल भंडार सऊदी अरब, रूस और ईरान से भी बड़ा है. अमेरिकी प्रतिबंधों और आर्थिक संकट के कारण तेल उत्पादन प्रभावित हुआ है, जिससे वैश्विक तेल बाजार और भू-राजनीतिक संतुलन पर असर पड़ा है. अमेरिका के इस कदम को ड्रग्स रोकने का बहाना माना जा रहा है, लेकिन रणनीतिक दृष्टि से तेल और क्षेत्रीय प्रभुत्व ही असली उद्देश्य माना जा रहा है.

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