अजीत पवार का स्मारक कहां स्थापित होगा? करीबी सहयोगी ने किया खुलासा

महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की याद को चिरस्थायी बनाने के लिए बारामती में एक स्मारक स्थापित किया जाएगा. किरण गुजर ने बताया कि स्मारक का प्रस्ताव उसी स्थान पर रखा गया है, जहां अजीत पवार का अंतिम संस्कार किया गया था.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की याद को चिरस्थायी बनाने के लिए बारामती में एक स्मारक स्थापित किया जाएगा. यह स्मारक बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान के परिसर में बनाया जाएगा, जो पवार परिवार द्वारा स्थापित एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान है. इस संबंध में जानकारी अजीत पवार के करीबी सहयोगी और पवार परिवार के लंबे समय से विश्वासपात्र रहे किरण गुजर ने दी है.

अंतिम संस्कार वाली जगह पर बनेगा स्मारक 

किरण गुजर ने बताया कि स्मारक का प्रस्ताव उसी स्थान पर रखा गया है, जहां अजीत पवार का अंतिम संस्कार किया गया था. किरण गुजर के अनुसार, रविवार को मुंबई रवाना होने से पहले एनसीपी प्रमुख शरद पवार अपनी पत्नी प्रतिभा पवार के साथ अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने विद्या प्रतिष्ठान के ट्रस्टियों और संबंधित लोगों से चर्चा कर अजीत पवार की स्मृति में स्मारक निर्माण की योजना तैयार करने के निर्देश दिए. गुजर ने कहा कि शरद पवार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि स्मारक ऐसा हो, जो अजीत पवार के सार्वजनिक जीवन, योगदान और बारामती के प्रति उनके समर्पण को दर्शाए.

स्मारक के स्वरूप को लेकर जल्द ही विस्तृत चर्चा की जाएगी. गुजर ने बताया कि डिजाइन, लेआउट और संरचना को अंतिम रूप देने के लिए विद्या प्रतिष्ठान के ट्रस्टियों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी. अजीत पवार महाराष्ट्र की राजनीति में एक सशक्त और प्रभावशाली नेता रहे, जिन्होंने बारामती और आसपास के क्षेत्रों के विकास में अहम भूमिका निभाई. बारामती लंबे समय से पवार परिवार का राजनीतिक गढ़ माना जाता रहा है और अजीत पवार की पहचान इस क्षेत्र के विकास पुरुष के रूप में भी रही. चार दशकों से अधिक समय से पवार परिवार से जुड़े किरण गुजर को अजीत पवार के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिना जाता था.

किन विभागों की मिली जिम्मेदारी? 

इधर, अजीत पवार के निधन के तीन दिन बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने शनिवार को महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. उन्हें आबकारी, खेल, अल्पसंख्यक विकास और औकाफ विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है. हालांकि, वित्त और योजना जैसे महत्वपूर्ण विभाग जो पहले अजीत पवार के पास थे उन्हें नहीं दिए गए. 62 वर्षीय सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया.

फिलहाल सुनेत्रा पवार राज्य विधानमंडल के किसी भी सदन की सदस्य नहीं हैं, लेकिन माना जा रहा है कि वे बारामती विधानसभा सीट से होने वाले उपचुनाव में चुनाव मैदान में उतर सकती हैं, जिसका प्रतिनिधित्व पहले अजीत पवार करते थे.

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