संकट में बांग्लादेश की युनूस सरकार, अपने ही सहयोगी उठाने लगे सवाल...जानें क्या है आगे का रास्ता

Bangladesh politics: सईदा रिजवाना हसन ने एनसीपी के आरोपों को खारिज किया कि अंतरिम सरकार के सलाहकार सुरक्षित निकासी तलाश रहे हैं. एनसीपी ने वफादारी पर सवाल उठाए. ‘जुलाई विद्रोह’ के बाद यूनुस ने अंतरिम सरकार बनाई, अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाया गया और शेख हसीना समेत 30 नेताओं पर मानवता के विरुद्ध अपराध के आरोप लगे.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

Bangladesh politics: मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार की वरिष्ठ सलाहकार सईदा रिजवाना हसन ने एनसीपी के उन दावों को खारिज किया कि सरकार के कुछ सलाहकार बांग्लादेश में बदलते राजनीतिक हालात के बीच सुरक्षित निकासी की तलाश कर रहे हैं. हसन ने बुधवार को प्रेस वार्ता में कहा कि मैं किसी भी तरह से बाहर निकलने की कोशिश नहीं कर रही हूं. मैं अपना शेष जीवन बांग्लादेश में बिताऊंगी. यह बयान एनसीपी संयोजक नाहिद इस्लाम की हालिया टिप्पणी के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ सलाहकार राजनीतिक दलों के संपर्क में हैं ताकि किसी संकट की स्थिति में सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित किया जा सके.

एनसीपी नेताओं ने उठाए वफादारी पर सवाल

नाहिद इस्लाम ने आरोप लगाया कि कई सलाहकार व्यक्तिगत सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं और छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के दौरान उनकी वफादारी पर सवाल उठे. उन्होंने कहा कि सलाहकार परिषद के कई सदस्यों पर भरोसा करना एक बड़ी भूल थी. कई सलाहकारों ने अलग-अलग राजनीतिक दलों से संपर्क साध लिया है. अब वे अपनी सुरक्षित निकासी के बारे में सोच रहे हैं. इस्लाम ने किसी विशेष सलाहकार का नाम नहीं लिया और यह भी नहीं बताया कि किस राजनीतिक दल के साथ बातचीत हुई.

इस विवाद ने अगस्त में अवामी लीग सरकार के पतन के बाद से गठबंधन के भीतर चल रही दरारों की अटकलों को और हवा दी. एनसीपी के अन्य नेता सरजिस आलम ने मंगलवार को विवादित रूप से कहा कि सलाहकारों के लिए एकमात्र रास्ता मौत है. हसन ने इसके विरोध में एनसीपी नेताओं से अपने बयान स्पष्ट करने की अपील की.

‘जुलाई विद्रोह’ और एनसीपी का उदय

एनसीपी स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन (एसएडी) आंदोलन से उत्पन्न हुई. यह आंदोलन पिछले साल के जुलाई विद्रोह की अगुवाई कर रहा था, जिसने 5 अगस्त को अवामी लीग सरकार को गिरा दिया. तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा. विद्रोह के दौरान विदेश में रहे यूनुस तीन दिन बाद पेरिस से लौटकर अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार बने. उनके प्रशासन में तीन छात्र प्रतिनिधि शामिल थे, जिनमें नाहिद इस्लाम भी शामिल थे. बाद में नाहिद ने इस्तीफा देकर एनसीपी का नेतृत्व संभाला, जबकि बाकी दो छात्र प्रतिनिधि अंतरिम मंत्रिमंडल में बने रहे.

अवामी लीग पर प्रतिबंध

मई में एनसीपी के दबाव में यूनुस सरकार ने अवामी लीग के शीर्ष नेताओं पर उनके शासन के दौरान कथित अपराधों और विरोध प्रदर्शनों पर हिंसक कार्रवाई के लिए मुकदमे लंबित रहने तक पार्टी की सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी. सैकड़ों सदस्यों को गिरफ्तार किया गया और हजारों भूमिगत हो गए.

विशेष न्यायाधिकरण के आदेश

बांग्लादेश में एक विशेष न्यायाधिकरण ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और 29 अन्य को मानवता के विरुद्ध अपराधों के आरोप में गिरफ्तारी का आदेश दिया. यह आरोप उनके कार्यकाल के दौरान हुए कथित जबरन गायब किए जाने वाले मामलों से जुड़े हैं.

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