'उन्हें वापस भेजो...'चुनाव जीतने के बाद BNP ने भारत से दोहराई शेख हसीना की प्रत्यर्पण की मांग

बांग्लादेश में चुनाव जीतने के बाद बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मुकदमे का सामना करने के लिए भारत से वापस बांग्लादेश बुलाने की मांग की है. 

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: बांग्लादेश में हाल ही में हुए आम चुनावों में बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) ने बड़ी जीत हासिल की है. इस जीत के बाद पार्टी ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत से प्रत्यर्पित करने की मांग फिर से तेज कर दी है. बीएनपी का कहना है कि उन्हें बांग्लादेश लाकर मुकदमे का सामना करना चाहिए. 

चुनावी जीत और प्रत्यर्पण की मांग

12 फरवरी 2026 को हुए चुनाव में बीएनपी ने भारी बहुमत हासिल किया. यह चुनाव अगस्त 2024 के जन विद्रोह के बाद पहला बड़ा राष्ट्रीय चुनाव था, जिसके कारण शेख हसीना की सरकार गिर गई थी. जीत के अगले दिन यानी 13 फरवरी को बीएनपी के वरिष्ठ नेता सलाहुद्दीन अहमद ने कहा, "विदेश मंत्री पहले से ही उनके प्रत्यर्पण के मामले को आगे बढ़ा रहे हैं और हम इसका पूरा समर्थन करते हैं."

उन्होंने आगे कहा कि पार्टी कानून के अनुसार लगातार दबाव बना रही है. यह मामला दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच है. उन्होंने भारत सरकार से अपील की कि शेख हसीना को बांग्लादेश वापस भेजा जाए ताकि वे यहां मुकदमे का सामना कर सकें.

भारत के साथ संबंधों पर जोर

सलाहुद्दीन अहमद ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश भारत समेत सभी पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहता है, लेकिन ये संबंध समानता और आपसी सम्मान पर आधारित होने चाहिए. उन्होंने कहा, "हम सभी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण रिश्ते चाहते हैं, लेकिन सम्मान और बराबरी के आधार पर."

शेख हसीना की स्थितिसत्ता छोड़ने के बाद से शेख हसीना नई दिल्ली में निर्वासन में रह रही हैं. वे सार्वजनिक रूप से ज्यादा नजर नहीं आतीं, सिवाय कभी-कभार दिए बयानों के. नवंबर 2025 में बांग्लादेश की एक विशेष अदालत ने उन्हें 2024 के दंगों में हुई हिंसा के लिए मानवता के खिलाफ अपराध के आरोप में अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी.

हाल ही में उन्होंने चुनाव को "ढोंग" बताते हुए तीखी टिप्पणी की थी, जिसके बाद बीएनपी की मांग और मजबूत हो गई है. भारत ने पहले कहा था कि प्रत्यर्पण का अनुरोध मिला है और इसकी जांच चल रही है. भारत बांग्लादेश में शांति, लोकतंत्र और स्थिरता के पक्ष में है और सभी पक्षों से बातचीत जारी रखेगा.

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