क्या खत्म हो जाएगा हमास? नहीं मानी बात तो भुगतना होगा अंजाम, बोर्ड ऑफ पीस लॉन्च करने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने दी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में हमास को हथियार छोड़ने की चेतावनी दी. उन्होंने गाजा शांति के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ लॉन्च किया और इसे वैश्विक शांति की दिशा में अहम कदम बताया.

नई दिल्लीः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को फिलिस्तीनी संगठन हमास को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वह अपने हथियार छोड़ने पर सहमत नहीं होता है, तो उसे पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा. यह बयान उन्होंने स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच के दौरान दिया, जहां उन्होंने गाजा केंद्रित अपने नए शांति बोर्ड के औपचारिक हस्ताक्षर समारोह की अध्यक्षता की.
निरस्त्रीकरण को बताया शांति की पहली शर्त
समारोह में मौजूद कई वैश्विक नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों के सामने ट्रंप ने स्पष्ट किया कि हमास का निरस्त्रीकरण किसी भी हाल में टाला नहीं जा सकता. उन्होंने इसे अपने नए शांति ढांचे की पहली और सबसे अहम परीक्षा बताया. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को आने वाले कुछ दिनों या हफ्तों में यह साफ हो जाएगा कि हमास शांति प्रक्रिया के नियमों को मानने के लिए तैयार है या नहीं.
दावोस में ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का शुभारंभ
इस अवसर पर ‘बोर्ड ऑफ पीस चार्टर’ का औपचारिक उद्घाटन किया गया. ट्रंप के अनुसार, यह बोर्ड गाजा में युद्धविराम को लागू कराने, पुनर्निर्माण की निगरानी करने और सुरक्षा से जुड़े समन्वय का काम करेगा. भविष्य में इसका दायरा केवल मध्य पूर्व तक सीमित न रहकर अन्य अंतरराष्ट्रीय संघर्षों तक भी बढ़ाया जाएगा.
हस्ताक्षर समारोह में बहरीन और मोरक्को के नेता ट्रंप के साथ मंच पर मौजूद थे, जबकि अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव सहित कई अन्य नेताओं ने भी इस पहल में भाग लिया. दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के बाद ट्रंप ने उन्हें कैमरों के सामने दिखाया और अन्य नेताओं को भी आगे आने का न्योता दिया.
दुनिया के सबसे प्रभावशाली निकायों में से एक
ट्रंप ने खुद को बोर्ड ऑफ पीस का पहला अध्यक्ष घोषित करते हुए कहा कि यह संस्था भविष्य में दुनिया के सबसे अहम संगठनों में शामिल हो सकती है. उन्होंने दावा किया कि लगभग हर देश इसका हिस्सा बनना चाहता है और एक बार यह पूरी तरह गठित हो जाने के बाद, यह वैश्विक स्तर पर बड़े फैसले लेने में सक्षम होगा. ट्रंप ने यह भी कहा कि यह बोर्ड संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम करेगा, भले ही उन्होंने अतीत में यूएन की आलोचना की हो.
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया रही मिली-जुली
इस पहल को लेकर अमेरिका के सहयोगी देशों की राय एक जैसी नहीं रही. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की संभावित भागीदारी को लेकर आशंकाओं के चलते ब्रिटेन ने बोर्ड में शामिल होने से दूरी बना ली. वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए ट्रम्प ने फ्रांसीसी शराब पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी भी दी. पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर हालांकि समारोह में मौजूद रहे.
विदेश नीति पर बड़े दावे
अपने भाषण में ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों और सीरिया में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि वैश्विक सुरक्षा खतरे पहले से कम हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि सत्ता संभालने के बाद से उन्होंने कई युद्धों को खत्म कराया है और एक नया समझौता जल्द होने वाला है. यूक्रेन संकट को लेकर उन्होंने स्वीकार किया कि यह उनके लिए सबसे कठिन चुनौती साबित हो रही है.


