एस्केलेटर खराबी, टेलीप्रॉम्प्टर बंद और साउंड सिस्टम फेल...UN में ट्रंप के साथ हुई साजिश? सीक्रेट सर्विस करेगी जांच

Donald Trump UN sabotage: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र में अपनी यात्रा के दौरान एस्केलेटर खराबी, टेलीप्रॉम्प्टर बंद होना और साउंड सिस्टम फेल होने को जानबूझकर की गई तोड़फोड़ बताया. उन्होंने सीक्रेट सर्विस से जांच की मांग की. संयुक्त राष्ट्र ने इसे दुर्घटना कहा, लेकिन व्हाइट हाउस ने इसे गंभीर साजिश मानते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

Donald Trump UN sabotage: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में अपनी यात्रा के दौरान हुई कई तकनीकी घटनाओं को साधारण दुर्घटना नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई घटना बताया है. उन्होंने कहा कि इन मामलों की गहन जांच सीक्रेट सर्विस की देखरेख में कराई जाएगी. ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किए गए बयान में ट्रंप ने लिखा, “कल संयुक्त राष्ट्र में एक नहीं, दो नहीं, बल्कि तीन चौंकाने वाली घटनाएं घटीं. यह पूरी तरह से शर्मनाक था.”

एस्केलेटर की अचानक खराबी

ट्रंप ने पहली घटना का जिक्र करते हुए बताया कि मुख्य भाषण स्थल की ओर जाते समय एस्केलेटर अचानक बीच रास्ते में रुक गया. उनका कहना था कि अगर उन्होंने और मेलानिया ने रेलिंग को कसकर न पकड़ा होता, तो गंभीर हादसा हो सकता था. उन्होंने इस घटना को स्पष्ट तोड़फोड़ बताते हुए कहा कि पहले भी संयुक्त राष्ट्र कर्मचारी एस्केलेटर बंद करने को लेकर मजाक करते देखे गए हैं.

टेलीप्रॉम्प्टर ने दिया धोखा

दूसरी घटना तब घटी जब ट्रंप विश्व नेताओं को संबोधित कर रहे थे. उनके अनुसार, अचानक उनका टेलीप्रॉम्प्टर काम करना बंद कर गया और पूरा भाषण बाधित हो गया. लगभग 15 मिनट बाद मशीन दोबारा चालू हुई. हालांकि ट्रंप ने दावा किया कि टेलीप्रॉम्प्टर न चलने के बावजूद उनका भाषण बेहद शानदार माना गया, लेकिन सवाल उठता है कि यह खराबी संयोग थी या किसी साजिश का हिस्सा.

साउंड सिस्टम की दिक्कत

ट्रंप के अनुसार, तीसरी समस्या साउंड सिस्टम में आई. उन्होंने कहा कि भाषण के दौरान इंटरप्रेटर काम नहीं कर पाए और कई विश्व नेताओं को उनकी बातें समझ नहीं आईं. यहां तक कि मेलानिया ट्रंप ने भी स्वीकार किया कि वे भाषण का एक भी शब्द नहीं सुन सकीं. ट्रंप ने इसे तिहरी तोड़फोड़ करार देते हुए कहा कि इस पूरे मामले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच जरूरी है.

जांच की मांग 

ट्रंप ने ऐलान किया कि वह इस संबंध में संयुक्त राष्ट्र महासचिव को आधिकारिक पत्र भेजेंगे. साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि एस्केलेटर से जुड़े सुरक्षा टेपों को तुरंत सुरक्षित किया जाए. उन्होंने जोड़ा कि सीक्रेट सर्विस पहले ही इस मामले में सक्रिय है.

संयुक्त राष्ट्र की सफाई

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने इन आरोपों को खारिज किया. उनके मुताबिक, शुरुआती जांच में पाया गया कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का एक वीडियोग्राफर, जो ट्रंप और मेलानिया के आगे-आगे चल रहा था, संभवतः अनजाने में एस्केलेटर का सेफ्टी बटन दबा बैठा. हालांकि, ट्रंप और उनके सहयोगी इस स्पष्टीकरण को मानने से इंकार कर रहे हैं और इसे एक व्यापक षड्यंत्र का हिस्सा बता रहे हैं.

व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “अगर किसी ने जानबूझकर एस्केलेटर को रोका जबकि राष्ट्रपति और प्रथम महिला उस पर मौजूद थे, तो यह बेहद गंभीर अपराध है. जिम्मेदार लोगों को तुरंत बर्खास्त कर जांच होनी चाहिए.”

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag