बुर्ज खलीफा की चमक भी पड़ जाएगी फीकी, सऊदी अरब बना रहा दुनिया की सबसे ऊंची इमारत

सऊदी अरब का जेद्दा टावर बुर्ज खलीफा से ऊंचा बनकर दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनेगा. 1000 मीटर ऊंचा यह प्रोजेक्ट 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है और विजन 2030 का अहम हिस्सा है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः दुनिया की सबसे ऊंची इमारत का ताज अब तक दुबई के बुर्ज खलीफा के नाम रहा है, लेकिन आने वाले कुछ वर्षों में यह रिकॉर्ड टूटने वाला है. सऊदी अरब एक ऐसी गगनचुंबी इमारत बना रहा है, जो ऊंचाई के मामले में बुर्ज खलीफा को भी पीछे छोड़ देगी. इस मेगा प्रोजेक्ट का नाम जेद्दा टावर है, जिसे सऊदी अरब की आधुनिक सोच और इंजीनियरिंग क्षमता का प्रतीक माना जा रहा है.

बुर्ज खलीफा से कहीं ऊंचा होगा जेद्दा टावर

रिपोर्ट के अनुसार, जेद्दा टावर की ऊंचाई लगभग 1000 मीटर (एक किलोमीटर) होगी. इसकी तुलना में दुबई का बुर्ज खलीफा 828 मीटर ऊंचा है. यानी जेद्दा टावर कम से कम 172 मीटर ज्यादा ऊंचा होगा. बुर्ज खलीफा में कुल 163 मंजिलें हैं, जबकि जेद्दा टावर में इससे कहीं अधिक फ्लोर बनाए जाने की योजना है. इसके पूरा होते ही यह दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बन जाएगी.

2028 तक पूरा होने की उम्मीद

जेद्दा टावर के निर्माण को लेकर लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मेगा स्ट्रक्चर 2028 तक पूरी तरह तैयार हो सकता है. एक बार बनकर तैयार होने के बाद यह न सिर्फ सऊदी अरब, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक नया वास्तुशिल्प मील का पत्थर साबित होगा.

2025 में दोबारा शुरू हुआ निर्माण कार्य

इस परियोजना का निर्माण कार्य 2025 में दोबारा शुरू किया गया. यह टावर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के महत्वाकांक्षी विजन 2030 का अहम हिस्सा है. इसे जेद्दा इकोनॉमिक सिटी में बनाया जा रहा है, जिसे सऊदी अरब का भविष्य का आर्थिक और व्यावसायिक केंद्र माना जा रहा है.

अब तक बन चुके हैं 80 फ्लोर

मौजूदा स्थिति की बात करें तो जेद्दा टावर में अब तक करीब 80 मंजिलों का निर्माण पूरा हो चुका है. निर्माण कार्य तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और इसे इंजीनियरिंग का एक अद्भुत नमूना बताया जा रहा है. शुरुआत में योजना थी कि यह इमारत 2020 तक पूरी हो जाएगी, लेकिन विभिन्न कारणों से इसमें देरी होती चली गई.

भ्रष्टाचार मामले के कारण रुका था प्रोजेक्ट

जेद्दा टावर की घोषणा सबसे पहले 2011 में की गई थी. शुरुआती वर्षों में निर्माण तेजी से हुआ और लगभग 63 मंजिलें भी बन गई थीं. लेकिन बाद में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों और वित्तीय अड़चनों के कारण इस प्रोजेक्ट को रोक दिया गया. कई सालों तक यह परियोजना अधर में लटकी रही, जिसके बाद अब इसे फिर से रफ्तार मिली है.

जेद्दा टावर में क्या-क्या होगा खास

जेद्दा टावर को सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि एक मल्टी-यूज स्काईस्क्रेपर के रूप में डिजाइन किया गया है. इसमें अत्याधुनिक ऑफिस स्पेस, लग्जरी होटल, हाई-एंड रेजिडेंशियल अपार्टमेंट शामिल होंगे. इसके अलावा, इतनी ऊंचाई तक आने-जाने के लिए अत्यंत तेज गति वाली लिफ्ट्स लगाई जाएंगी, ताकि लोगों को किसी तरह की असुविधा न हो.

सऊदी अरब की वैश्विक पहचान को मिलेगी नई ऊंचाई

जेद्दा टावर न केवल ऊंचाई के रिकॉर्ड तोड़ेगा, बल्कि यह सऊदी अरब को वैश्विक स्तर पर आधुनिकता, तकनीक और नवाचार के केंद्र के रूप में भी स्थापित करेगा. विजन 2030 के तहत यह परियोजना देश की बदलती तस्वीर और भविष्य की महत्वाकांक्षाओं का मजबूत प्रतीक बनकर उभरेगी.

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